पेड न्यूज के मामले में पंजाब केसरी, जालंधर अब अदालत को गुमराह करने के प्रयास में जुटा है। जो अखबार 50 साल से अधिक रिकार्ड को संजोए रखता है वह अब पेड न्यूज संबंधी रिकार्ड नहीं होने का बहाना बना रहा है। इस बारे में एक अन्य हिंदी दैनिक 'सेवरा' ने खबर का प्रकाशन विस्तार से किया है. खबर पढ़ने के लिए नीचे प्रकाशित खबर के शीर्षक पर क्लिक कर दें…
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संस्मरण…
माथुर साहब : वो जब याद आए बहुत याद आए






