साधना न्यूज़- बिहार/ झारखण्ड में विज्ञापन के दवाब की वजह से यहाँ के रिपोर्टरों में भय व्याप्त हो गया है. इसकी वजह से पिछले दिनों यहाँ के सीनियर रिपोर्टर अमन कुमार ने इस्तीफा दे दिया था, और आज रांची ब्यूरो से क्राइम रिपोर्टिंग में दक्ष रिपोर्टर सोहन सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया है. बिहार / झारखण्ड चैनल की फ्रेंचाईजी दे दिए जाने की वजह से ऐसे हालत पैदा हुए हैं. स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आनेवाले समय में बिहार / झारखण्ड चैनल से और भी कई सीनियर लोग इस्तीफा दे सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि साधना ग्रुप में रिपोर्टर नियुक्त किए जाते समय ही आफर लेटर में हर महीने उगाही जाने वाली रकम का टारगेट दे दिया जाता है. साथ ही आफर लेटर में यह भी लिखा होता है कि जो टारगेट नहीं अचीव करेगा, उसे बिना किसी नोटिस के इस्तीफा ले लिया जाएगा. नमूने के तौर पर उपर एप्वायंटमेंट लेटर का एक हिस्सा प्रकाशित किया गया है.
इस क्रूर स्थिति के कारण रिपोर्टर न तो पत्रकारिता कर पाते हैं और न ही मार्केटिंग. वैसे भी अगर किसी को रिपोर्टर रखकर उसे महीने का सेल्स टारगेट ढाई लाख का दे दिया जाए तो वह पत्रकारिता तो करेगा नहीं. यह भी समझ से परे है कि आखिर ये सेल्स टारगेट है क्या?






