नई दिल्ली : पाकिस्तान के कराची हार्बर पर 1971 में मिली जीत की याद में मनाए जाने वाले नौसेना दिवस के मौके पर छपे एक विज्ञापन पर विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को कुछ अखबारों में छपे विज्ञापन में एक पाकिस्तानी विमान को दिखाने की बड़ी चूक सामने आई है।
इस विज्ञापन में दिखाया गया विमान भारतीय वायुसेना या नौसेना का नहीं है। बल्कि यह चीन द्वारा पाकिस्तान को दिया गया लड़ाकू विमान है। इस चूक से न सिर्फ नौसैनिकों को ठेस लगने की आशंका है बल्कि इससे रणनीतिक मोर्चे पर भारत को मनोवैज्ञानिक तौर पर नुकसान हुआ है। इस विज्ञापन को छपे 24 घंटे से ज़्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर संभावित कार्रवाई को लेकर भारतीय नौसेना चुप है। नौसेना की तरफ से इस मामले में आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं आया है।
1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच पूर्वी पाकिस्तान को लेकर जंग छिड़ी थी। इसके जंग के बाद बांग्लादेश का उदय हुआ था। जंग के दौरान भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' नाम से एक अभियान के तहत पाकिस्तान के कराची हार्बर पर हमला बोला था और जीत हासिल की थी। भारतीय नौसेना ने 24 घंटे में दुश्मन देश के नौसैनिकों के पांव उखाड़कर कराची हार्बर को कब्जे में ले लिया था। इस जीत की याद में भारतीय नौसेना हर साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस के तौर पर मनाती है। लेकिन बीते रविवार को इस जीत की वर्षगांठ के मौके पर भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास का बखान करने के लिए छपे विज्ञापन ने इस यादगार मौके के का मजा किरकिरा कर दिया। साभार : भास्कर






