मुंबई। मुंबई पुलिस के उपनिरीक्षक सचिन सूर्यवंशी को विधानभवन परिसर में पीटने वाले पांच विधायकों की विधानसभा सदस्यता इस वर्ष 31 दिसंबर तक के लिए रद्द कर दी गई है। विधानसभा में मारपीट की यह घटना मंगलवार को हुई थी। मुंबई पुलिस की यातायात शाखा के उपनिरीक्षक सचिन सूर्यवंशी ने विगत सोमवार को बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से जा रही विधायक क्षितिज ठाकुर की कार पर 700 रुपये का जुर्माना ठोक दिया था।
बहुजन विकास आघाड़ी के विधायक ठाकुर ने इसे अपना अपमान मानते हुए विधानसभा में सबइंस्पेक्टर के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। इस नोटिस के बाद विधानसभा अध्यक्ष के सामने पेश होने आए सूर्यवंशी की कल विधानभवन परिसर में ही विधायकों ने जमकर पिटाई की थी। इस मामले में 14 क्षितिज ठाकुर सहित 14 विधायकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई है, और इस मामले की जांच मुंबई पुलिस की अपराध शाखा कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को विधायक क्षितिज ठाकुर के साथ-साथ चार अन्य विधायकों को 31 दिसंबर तक के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। निलंबित होनेवाले अन्य विधायक हैं, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राम कदम, शिवसेना के प्रदीप जायसवाल एवं राजन साल्वी तथा भाजपा के जयकुमार रावल।
गौरतलब है कि इस घटना की प्राथमिकी विधानसभा परिसर में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखकर दर्ज की गई है। प्राथमिकी में उपरोक्त पांच विधायकों के अलावा नौ और विधायकों के नाम शामिल हैं। इन सभी के विरुद्ध मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस विभाग ने मंगलवार से ही इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर रखा है। माना जा रहा है कि इस मामले में कुछ विधायकों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। मनसे विधायक राम कदम तो दूसरी बार विधानसभा परिसर में मारपीट करने के कारण निलंबित हुए हैं। उन्हें सूर्यवंशी की पिटाई के मामले में पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को कारण बताओ नोटिस भी भेजा जा चुका है। पिटाई में बुरी तरह घायल सूर्यवंशी का इलाज चल रहा है। कुछ पत्रकारों से बात करते हुए उसने पुलिस विभाग की नौकरी छोड़ने की इच्छा जताई है। (जागरण)






