मुंबई। महाऱाष्ट्र विधानसभा में जिस पुलिसवाले की पिटाई विधायकों द्वारा की गई थी उसे सस्पेंड कर दिया गया है। सचिन सूर्यवंशी नाम के इस एपीआई को शुरुआती जांच पूरी होने तक सूर्यवंशी को निलंबित किया गया है। पुलिस अधिकारी से हुई मारपीट की घटना की जांच के लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है। विधानसभा सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई है। बांद्रा-वर्ली सी-लिंक पर हुई घटना से लेकर विधानसभा में हुई घटना तक सभी घटनाओं की ये कमेटी जांच करेगी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा में एपीआई सूर्यवंशी से मारपीट करने वाले विधायक राम कदम और क्षितिज ठाकुर को जमानत मिल गई है। उधर, विधायकों के निलंबन के मामले मे सभी दलों के विधायकों का लगातार चौथे दिन भी हंगामा जारी रहा। संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन पाटील ने निलंबन के मामले में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, सभी पार्टियों के दल प्रमुख और नेता विपक्ष के साथ जल्द ही बैठक लेने का आश्वासन दिया। अब जब विधायकों की जांच कमेटी गठित की गई है तो सचिन को कितना न्याय मिलेगा इसकी कल्पना करना मुश्किल नहीं है।
दरअसल, एक विधायक की गाड़ी का चालान काटने की वजह से पुलिस अफसर की पिटाई की गई थी। पिछले गुरुवार को ये मुद्दा विधानसभा में भी गूंजा। मांग की गई कि अगर विधायकों को निलंबित किया गया है तो फिर पुलिस अफसर सचिन सूर्यवंशी को क्यों निलंबित नहीं किया गया। कुल 5 विधायकों के खिलाफ पुलिस अफसर से मारपीट का आरोप लगा था। इसके बाद आरोपी सभी 5 विधायकों को साल भर के लिए विधानसभा से सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन एफआईआर में लिखा गया है कि राम कदम और क्षितिज ठाकुर के अलावा 15-16 लोगों ने पिटाई की।






