हर रोज कुकुरमुत्तों की तरह उगते और बंद होते चैनलों के बीच देहरादून से संचालित वीओएन के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है। इस चैनल के मालिक और नारायण स्वामी हास्पीटल एवं डेंटल कॉलेज के निदेशक मनीष वर्मा के खिलाफ लगभग एक दर्जन मुकदमे दर्ज होने के बाद इसके बंद होने की आशंका जताई जा रही है। कोर्ट के आदेश पर देहरादून की कैंट पुलिस ने मनीष के खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज किए हैं। यह मुकदमे छात्र-छात्राओं के साथ धोखाधड़ी एवं जालसाजी करने के आरोप में लगाए गए हैं।
जानकारी के आरोप के अनुसार अनुसार एडमिशन के समय संस्थान ने यूएनसी से मान्यता प्राप्त होने का दावा किया था। लेकिन कोर्स पूरा करने के बाद जब छात्र-छात्राएं पंजीकरण कराने के लिए यूएनसी पहुंचे तो काउंसिल ने पंजीकरण से मना कर दिया, क्योंकि नारायण स्वामी हास्पिटल एंड डेंटल कालेज काउंसिल, यूएनसी से मान्यता प्राप्त नहीं था। पंजीकरण न होने से से छात्र-छात्राओं को नौकरी नहीं मिल पाई। भविष्य अंधकारमय उन्होंने संस्थान की शिकायत स्वास्थ्य शिक्षा मंत्रालय उत्तराखंड से की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इस पर छात्र-छात्राएं पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन उसने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
हताश-नाराज 11 छात्र-छात्राओं ने वकील सनप्रीत सिंह की मदद से स्पेशल जेएम प्रथम हेमंत चंद सेठ की कोर्ट में नारायण स्वामी हास्पिटल एंड डेंटल कालेज के निदेशक मनीष वर्मा के खिलाफ शिकायती पत्र कोर्ट में दाखिल किया। जिसके बाद कोर्ट ने पुलिस को जालसाजी, धोखाधड़ी, अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि मनीष की गिरफ्तारी भी हो सकती है। अपने दूसरे कामों के शेल्टर में खोले गए चैनल से जब प्रबंधन को कोई फायदा नहीं है तो वो इसपर खर्च करने के मूड में नहीं है। वीओएन की हालत पहले से ही खराब चल रही है।





