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वेतनबोर्ड लागू नहीं करने वाले अखबारों का सरकारी विज्ञापन बंद किया जाए

नई दिल्ली : अखबार उद्योग के पत्रकार और गैर-पत्रकार कर्मचारी संगठनों ने नए वेतनमान लागू न करने के मालिकान के रवैए की तीखी निंदा करते हुए उनके खिलाफ देश भर में जोरदार धरना और प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया है और सरकार से मांग की है कि उन अखबारी संगठनों के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान किया जाए जो सरकार द्वारा अधिसूचित मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों को लागू नहीं करके कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।

नई दिल्ली : अखबार उद्योग के पत्रकार और गैर-पत्रकार कर्मचारी संगठनों ने नए वेतनमान लागू न करने के मालिकान के रवैए की तीखी निंदा करते हुए उनके खिलाफ देश भर में जोरदार धरना और प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया है और सरकार से मांग की है कि उन अखबारी संगठनों के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान किया जाए जो सरकार द्वारा अधिसूचित मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों को लागू नहीं करके कानून का उल्लंघन कर रहे हैं।

अखबारी कर्मचारियों के शीर्ष मंच कान्फेडरेशन आफ न्यूजपेपर्स एंड न्यूज एजेंसी एम्प्लायज यूनियन्स की आज एक आपात बैठक में इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि अखबार मालिकों के संगठन इंडियन न्यूजपेपर्स सोसायटी (आईएनएस) ने कर्मचारियों को नए वेतन देने के मुद्दे पर ''मनमाना और गैर-कानूनी रवैया अपना रखा है। उसे सरकार और न्याय की परवाह नहीं है।''

कान्फेडरेशन ने इस रवैए के खिलाफ पूरे देश में धरना प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। कान्फेडरेशन के महासचिव एम एस यादव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, 'हम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संप्रग की नेता सोनिया गांधी से अपील करेंगे कि सरकार श्रमजीवी पत्रकार अधिनियम (वर्किग जनर्लिस्ट एक्ट) में संशोधन कर वेतनमान की सिफारिशें लागू न करने वाले अखबारी प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान करें और उन्हें सरकारी विज्ञापनों से वंचित किया जाए।' मजीठिया वेतनबोर्ड ने भी अपनी सिफारिशों में वेतनबोर्ड लागू नहीं करने वाले संगठनों के खिलाफ सख्त सजा के प्रावधान की सिफारिश की है।

यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बछावत वेतनबोर्ड के समय 1989 में नए वेतनमान को लागू करने में अखबार मालिकों की आनाकानी को देखते हुए आईएनएस को पत्र लिखकर वेतनबोर्ड की सिफारिशों को लागू करने को कहा था। यादव ने प्रधानमंत्री सिंह और संप्रग प्रमुख गांधी से एक बार फिर इसी तरह का रवैया अख्तियार करते हुए कड़ा कदम उठाने की अपील की और मांग की कि नए वेतनमान लागू नहीं करने वाले अखबारों के सरकारी विज्ञापन बंद किए जाएं।

कान्फेडरेशन ने दिल्ली में टाइम्स आफ इंडिया सहित सभी प्रमुख अखबारी प्रतिष्ठानों के समक्ष विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया है और इसमें दूसरे श्रमिक संगठनों और राजनीतिक दलों का भी सहयोग लेने की योजना है। आज की बैठक में कान्फेडरेशन के घटक आईजेयू के सुरेश अखौरी और मदन सिंह, एआईएनएफ के रूपचंद, आईएफडब्ल्यूजे के परमानंद पांडे, फेडरेशन आफ पीटीआई एम्प्लायज यूनियन के राजवीर सिंह, यूएनआई वर्कर्स यूनियन के एम एल जोशी, एनयूजेआई के मनोहर सिंह, इंडियन एक्सप्रेस के सी के नायडू और डीयूजे के एस के पांडे ने हिस्सा लिया। साभार : भाषा

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