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“वो जो बाजार के खिलाड़ी हैं तेरा हर ख्वाब बेच डालेंगे”

: पत्रकारिता विश्वविद्यालय में गूंजी तहसीन मुनव्वर की शायरी : भोपाल। देश के जाने माने शायर, वरिष्ठ पत्रकार एवं एंकर तहसीन मुनव्वर गुरूवार को माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सुने गए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला ने तहसीन मुनव्वर को शाल-श्रीफल देकर उनका सम्मान भी किया। अपने अंदाजे बयां, शेरो-शायरी और गजलों से तहसीन ने ऐसा समां बांधा कि लोग वाह- वाह कर उठे। तहसीन मुनव्वर ने वर्तमान समय पर कुछ इस तरह टिप्पणी की-

: पत्रकारिता विश्वविद्यालय में गूंजी तहसीन मुनव्वर की शायरी : भोपाल। देश के जाने माने शायर, वरिष्ठ पत्रकार एवं एंकर तहसीन मुनव्वर गुरूवार को माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सुने गए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला ने तहसीन मुनव्वर को शाल-श्रीफल देकर उनका सम्मान भी किया। अपने अंदाजे बयां, शेरो-शायरी और गजलों से तहसीन ने ऐसा समां बांधा कि लोग वाह- वाह कर उठे। तहसीन मुनव्वर ने वर्तमान समय पर कुछ इस तरह टिप्पणी की-

वो जो बाजार के खिलाड़ी हैं
तेरा हर ख्वाब बेच डालेंगे।

उन्होंने एक अन्य टिप्पणी इस तरह की-

ये किसने आग सी भर दी है मेरे सीने में
मैं कुछ भी लिखता हूं तहरीर जलने लगती है।

अपनी रचना प्रक्रिया और लेखन के प्रति अपने नजरिये को जाहिर करते हुए उन्होंने पढ़ा-

लोग तो सेब से गालों पे गजल लिखते हैं
और हम सूखे निवालों पे गजल कहते हैं।

इस अवसर पर उन्होंने युवा मन के प्रेम, मां, कृष्ण, देशभक्ति पर भी रोचक पंक्तियां पढ़कर श्रोताओं की दाद ली। अखबार और समाज से उसके रिश्तों पर उन्होंने कहा-

अब क्या खबरें रोकेगा
अब खुद ही अखबार हैं लोग।

इस अवसर साहित्यकार डा. विजयबहादुर सिंह ने तहसीन की रचना प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी शायर जाति, मजहब या किसी भी राजनीति से प्रेरित हो वह हमेशा मनुष्यता की बात करता है। उसकी शायरी लोगों के दर्द और इंसानियत के साथ खड़ी मिलती है। उनका कहना था आज संघर्ष आदमियत और राजनीति के बीच में है, जहां तहसीन की शायरी आम आदमी के साथ खडी दिखती है। उनकी शायरी में सादगी और गहराई है जो आदमी को आदमी के करीब लाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बृजकिशोर कुठियाला ने की। आयोजन में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के रीडर एहतेशाम अहमद, भारतीय जनसंचार संस्थान के पूर्व रजिस्ट्रार जेड् यू हक, वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा, रामभुवन सिंह कुशवाह, सुरेश शर्मा, डा. महेश परिमल, अजय त्रिपाठी, मनोज कुमार, अक्षत शर्मा, विजयमनोहर तिवारी, डा. मेहताब आलम, वेदव्रत गिरी, अजीत सिंह, राजू कुमार, अतुल पाठक, कला समीक्षक विनय उपाध्याय, सीके सरदाना, प्रकाश साकल्ले, जीके छिब्बर सहित पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी मौजूद थे। अतिथियों का स्वागत रजिस्ट्रार डा. चंदर सोनाने ने किया। संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने किया।

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