यूपी के मायाराज में शराब और चीनी मिलों के जरिए गैरकानूनी तरीके से अरबों-खरबों रुपये कमाने और सरकार के लोगों को कमवाने वाले गुरप्रीत चड्ढा उर्फ पोंटी चड्ढा के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं. उसके ठिकानों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आज छापेमारी शुरू कर दी है. लखनऊ, इलाहाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक डेली न्यूज एक्टिविस्ट में पोंटी चड्ढा के शराब व चीनी के कारनामों को लेकर कई पार्ट में स्टोरी छपी जिसका लगातार प्रकाशन भड़ास4मीडिया पर भी किया गया.
सूत्रों का कहना है कि पोंटी चड्ढा के खिलाफ पहले से ही काफी शिकायतें केंद्रीय एजेंसियों के पास थी, लेकिन नए खुलासों के बाद अरबों की कर चोरी व घपले-घोटाले की जानकारी मिलने के बाद कई एजेंसियों ने चड्ढा को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. चुनाव का समय होने के कारण राजनीति हस्तक्षेप से भी पोंटी चड्ढा को बचाए जाने की संभावना कम थी. इस कारण केंद्रीय एजेंसियों ने हाथ डाल दिया है. शुरुआत की है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने. मायावती के बेहद करीबी माने जाने वाले पोंटी चड्ढा के घर व आफिस के दर्जनों ठिकानों पर आज सुबह इनकम टैक्स की टीमों ने छापेमारी शुरू कर दी.
इनकम टैक्स के द डायरेक्टोरेट आफ क्रिमिनल इनवेस्टीगेशन की टीमों ने पोंटी चड्ढा के सत्रह ठिकानों की तलाशी का काम जारी रखा है. दिल्ली, यूपी के इन ठिकानों में पोंटी चड्ढा के मल्टीप्लेक्स, फार्म हाउस आदि भी शामिल हैं जहां पर इनकम टैक्स की टीम पहुंची है. पोंटी चड्ढा पूरे यूपी में शराब का एकमात्र वितरक है और उसके लोग हर बोतल पर एमआरपी से ज्यादा पैसे वसूलते हैं. यह जो अतिरिक्त रकम की उगाही है, उसका वितरण यूपी में सत्ताधारी दल के नेताओं, ब्यूरोक्रेटों और पोंटी चड्ढा के बीच किया जाता है. पोंटी चड्ढा का बेहद करीबी ललित कपूर उर्फ स्वीटी के ठिकानों पर भी इनकम टैक्स की टीम पहुंची और उसके यहां से भी कागजात व कंप्यूटर आदि जब्त किए. बताया जाता है कि इस स्वीटी का काम पोंटी चड्ढा के पैसे को मैनेज करना होता है. चड्ढा के पंजाब का काम देखने वाले शख्स की भी इनकम टैक्स ने घेराबंदी की है.
बताया जाता है कि मायावती जब यूपी में सत्ता में आई तो पोंटी चड्ढा ने जमकर कमाई करने का काम शुरू किया और अपने बिजनेस का विस्तार रीयल इस्टेट, चीनी मिल, फिल्म प्रोडक्शन आदि क्षेत्रों में किया. औने पौने दामों पर यूपी सरकार से चड्ढा ने जमीने हथियाई और उस पर मल्टीप्लेक्स, कामर्शियल इस्तेमाल के लिए दुकानों आदि का निर्माण करवाया. नोएडा में वेब और जेनेसिस स्कूल पोंटी चड्ढा ने बनवाए. पोंटी चड्ढा को लाभ दिलवाने वाले अफसरों व नेताओं ने भी जमकर लाभ लिए और सभी लोग अब संदेह के घेरे में हैं. इनकम टैक्स विभाग पोंटी चड्ढा के मनी लांड्रिंग के कनेक्शन की भी जांच कर रहा है. पोंटी चड्ढा के ठिकानों से मिले कागजातों से पता चलता है कि इन लोगों के पास सऊदी अरब से पैसे आते थे. इस कारण हवाला के एक बड़े रैकेट के भी सामने आने के आसार हैं.
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शराब व चीनी मिलों के माफिया पोंटी चड्ढा की कहानियां
पोंटी चड्ढा पिछले कई वर्षों से यूपी में सरकार में बैठे लोगों व नौकरशाहों की कृपा से शराब व चीनी के जरिए अरबों खरबों पीटता रहा, अवैध काम करता कराता रहा, लेकिन प्रदेश की मीडिया चुप्पी साधे बैठी रही. दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान जैसे अखबारों ने सब जानते हुए भी आंखें बंद किए रखा. शायद इनकी आंखों पर पैसे का ताला जड़ दिया गया था. शराब की हर दुकान से एमआरपी से ज्यादा पैसे ग्राहकों से लिए जाते रहे लेकिन किसी ने इसके खिलाफ अभियान नहीं चलाया. लखनऊ व इलाहाबाद से प्रकाशित डेली न्यूज एक्टिविस्ट अखबार ने पूरे मुद्दे को कई किश्तों में प्रमुखता से उठाया. सीएजी की रिपोर्ट में पोंटी चड्ढा के गड़बड़झाले का जमकर जिक्र किया गया. इस रिपोर्ट के आधार पर डीएनए ने पहले पन्ने पर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं. आज भी डीएनए ने पहले पन्ने पर पोंटी की खबर ली है. और, आज ही सुबह से इनकम टैक्स ने छापेमारी शुरू कर दी है.
डेली न्यूज एक्टिविस्ट के चेयरमैन प्रो. निशीथ राय कहते हैं- ''पोंटी चड्ढा ने जिस तरह से सरकारी खजाने को चूना लगाया और सीएजी की रिपोर्ट में इस तरफ बताया गया तो हम लोगों ने तभी तय कर लिया कि इस पूरे प्रकरण को जनता के सामने बिना डरे लाएंगे. इनकम टैक्स विभाग ने छापेमारी शुरू कर दी है तो यह अच्छी बात है. यह खबर का असर है. आगे भी हम लोग काम जारी रखेंगे. इस खबर के लिए मैं खासतौर पर जेपी सिंह को बधाई दूंगा जिन्होंने बिना डरे सारे तथ्यों को सामने रखा.'' ज्ञात हो कि जेपी सिंह डीएनए के इलाहाबाद एडिशन के संपादक हैं.
छापेमारी में स्थानीय पुलिस व इनकम टैक्स टीम शामिल नहीं
मुरादाबाद से सूचना है कि शराब और रियल एस्टेट कारोबारी पौंटी चड्ढ़ा के मुरादाबाद स्थित पैतृक आवास, चड्ढ़ा सिनेमा समेत अन्य कारोबारी परिसरों पर आयकर टीमों ने छापेमारी की है. बुधवार सुबह 11 बजे के बाद मुरादाबाद में एकाएक सक्रिय हुईं आयकर टीमों की जांच के केंद्र में सिविल लाइंस स्थित चड्ढ़ा आवास और प्रिंस रोड स्थित चड्ढ़ा सिनेमा है. चड्ढ़ा सिनेमा परिसर में ही चड्ढ़ा गु्रप का शराब व अन्य कारोबार से जुड़ा आफिस भी है. औचक छापेमारी में मुरादाबाद की स्थानीय पुलिस फोर्स और आयकर टीमों को अभी तक शामिल नहीं किया गया है. हरियाणा और उत्तराखंड के रजिस्ट्रेशन नंबर के वाहनों से आईं छापामार टीमों के साथ सीआरपीएफ का सुरक्षा दस्ता मौजूद है. माना जा रहा है कि छापामार कार्रवाई में चड्ढ़ा ग्रुप के कुछ और परिसरों को भी शामिल किया जा सकता है.
मायावती के लिए बड़ा झटका
उधर, कुछ लोगों का कहना है कि पोंटी चड्ढा के दिल्ली समेत करीब 25 ठिकानों पर ये छापेमारी की जा रही है. दिल्ली के अलावा नोएडा, लखनऊ, मुरादाबाद और चंडीगढ़ के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई है. आयकर विभाग को उनके ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी मिलने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि चुनाव के दौरान कैश को लेकर यह छापेमारी की जा रही है. पोंटी को मुख्यमंत्री मायावती का करीबी माना जाता है. प्रदेश में शराब का सारा कारोबार चड्ढा की कंपनी करती है. वेब सिनेमा के ऑनर भी पोंटी हैं. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से तुरंत पहले इस तरह की कार्रवाई सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.





