पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने शारदा समूह से जुड़े तमाम विवादों से अपना पल्ला झाड़ते हुए इसके लिए राज्य की पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार और केंद्र को दोषी करार दिया है। एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस महानिदेशक की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले की जांच करेगी। इसके अलावा पूर्व राज्यपाल श्यामल सेन की अध्यक्षता में चार सदस्यों वाले एक विशेष आयोग का भी गठन किया जाएगा। हालांकि आयोग के सदस्यों का चयन अभी नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चिट फंड कंपनियों के संचालन को प्रतिबंधित करने के लिए सख्त अध्यादेश के लिए मसौदा तैयार किया गया है।
बनर्जी ने मौजूदा संकट के लिए केंद्र और पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार को दोषी ठहराया। बनर्जी ने कहा, 'केंद्र के पास पर्याप्त समय था और वह ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती थी लेकिन समय रहते ऐसा नहीं किया गया। यहां तक कि बाजार नियामक सेबी ने भी ऐसी कंपनियों के बारे में हमें कोई खबर नहीं दी।' इसके अलावा उन्होंने माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए वाम दलों के कार्यकर्ताओं पर भी अपना गुस्सा निकाला।
बनर्जी ने कहा, 'राज्य में वाम मोर्चे के 34 साल के कार्यकाल में चिट फंड कंपनियों ने अपना पांव पसारा। इसके अलावा केंद्र को भी समय रहते इस मामले को देखना चाहिए था। हमारी सरकार को केवल 2 माह पहले ही इस बारे में जानकारी मिली थी।' उन्होंने कहा कि एजेंटों और निवेशकों की शिकायत सुनने के लिए कुछ विशेष अधिकारी तैनात किए जाएंगे। बनर्जी ने पार्टी सांसद कुणाल घोष से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया।
सीबीआई जांच के लिए याचिका : पश्चिम बंगाल में शारदा समूह की कंपनियों के बंद होने के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय में आज एक जनहित याचिका दायर करके उन चिट फंड कंपनियों की सीबीआई जांच की मांग की गई, जिन्होंने कथित रूप से लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी की है। याचिका में राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष को भी गिरफ्तार करने की मांग की गई है। अधिवक्ता वासवी राय चौधरी ने जनहित याचिका दायर करके सभी चिट फंड कंपनियों की सीबीआई जांच और कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि कथित घोटाला 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का है।
चौधरी के वकील सुब्रत मुखोपाध्याय ने कहा कि याची ने शारदा मीडिया के कार्यकारी अध्यक्ष कुणाल घोष की घोटाले में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस नामित राज्यसभा सदस्य घोष इससे पहले शारदा मीडिया समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी थे। मुखोपाध्याय ने कहा कि याचिका पर मुख्य न्यायाधीश अरुण मिश्र की अदालत द्वारा कल या उसके अगले दिन सुनवाई किए जाने की संभावना है।






