हैलो एसडीएम बोल रहा हूँ…. हैलो एसडीएम सदर बोल रहा हूँ, दो एसी टिकट रिजर्व कर दो… हैलो एसडीएम जखनियां बोल रहा हूं, फलाँ मामले मे क्या कर रहे हो….. फलाने के पक्ष मे रिपोर्ट लगा देना। कुछ ऐसी ही फोन काल से गाजीपुर के कई सरकारी महकमे पिछले तीन महीने से हैरान परेशान थे। फोन पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर धौंस जमाने वाले एक फर्जी एसडीएम को गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने फर्जी एसडीएम को इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के सहारे जिले के बिरनों थाना क्षेत्र मे धर दबोचा। इस नटवर लाल ने पिछले तीन महीनों से जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की नाक मे दम कर रखा था। पुलिस ने गिरफ्तार फर्जी एसडीएम के पास से आधा दर्जन सिम समेत कई मोबाइल बरामद किये है। पुलिस के मुताबिक गाजीपुर के बिरनों क्षेत्र मे रहने वाला युवक संजीव सिंह जिले के कई अधिकारियों को फोन पर खुद को एसडीएम बताकर न सिर्फ धौंस जमाता था,बल्कि पूरी हेकड़ी के साथ विभिन्न मामलों मे कार्यवाही का आदेश भी देता था।
इतना ही नही इस नटवर लाल ने कई पुलिस वालों रेलवे अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों से रौब गांठ कर पैसों की वसूली कर रखी थी। पुलिस वालों और प्रशासनिक अफसरों को चिकरघिन्नी बना देने वाले इस फर्जी एसडीएम की टोह मे कई दिनों से एसओजी और पुलिस सर्विलांस के सहारे लगी थी।
फिलहाल पुलिस ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की आँखों की नींद उड़ा देने वाले इस शातिर दिमाग युवक को गिरफ्तार कर लिया। सेना का कैप्टन, मेजर तो कभी मंत्री का पीए या पीसीएस अफसर बनकर प्रशासन के नाक में दम करने वाला नटवरलाल आखिर गाजीपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यह ठग संदीप सिंह बिरनो थाने के औढ़ारी का रहने वाला है। उसके कब्जे से चार मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। अपने गांव के मठ को लेकर वह एसडीएम जखनियां अमित को आए दिन हड़काता था। कभी खुद को मंत्री ओमप्रकाश सिंह तो मंत्री ब्रह्मदत्त त्रिपाठी का निजी सचिव बन कर एसडीएम को फोन करता कि वह विवाद अमूक के पक्ष में कर दें।
इसी तरह हाल ही में संपन्न हुए सेना भर्ती मेला में उसने अधिकारियों को कैप्टन बताते हुए बेजा दबाव बनाता था। यही नहीं अधिकारियों को आयकर अधिकारी बन कर काम न करने पर छापामारी करने की धमकी देकर काम करने को भी कहता था। इस शातिर फर्जी एसडीएम को हिरासत मे लेकर जिले के दो एसडीएम और कई थाना प्रभारी पूरी रात पूंछताछ करते रहे।पूंछताछ करने वाले अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने हैरतभरे अंदाज मे बताया कि मामले का पर्दाफाश होने पर पता चला कि इसी युवक ने कई दफे फोन पर उनको भी धौंस देते हुए कार्यवाही के आदेश दिये थे,और जमकर हड़काया भी था।
गाजीपुर से के.के. की रिपोर्ट.






