: बेल्लारी की तर्ज पर मप्र में अवैध खनन से सनसनी : एक और भाजपाई मुख्यमंत्री करप्शन के दायरे में घिरता जा रहा है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के अघोषित संरक्षण में उनके एक मंत्री जबरदस्त तरीके से अवैध खुदाई करा रहे हैं. मंत्री का नाम है नागेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ल. नागेंद्र मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री हैं जबकि राजेंद्र खनिज मंत्री हैं. मध्य प्रदेश में हो रहे इस खनन को कर्नाटक के बेल्लारी की तर्ज पर देखा जा रहा है.
इस अवैध खनन से राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा है. यह दावा वन विभाग की एक जांच रपट में किया गया है. रपट में कहा गया है कि अवैध खनन को वन विभाग के अधिकारियों का खुला संरक्षण हासिल है, इसमें रीवा के मुख्य वन संरक्षक की भूमिका भी संदिग्ध है.
यह रपट प्रधान मुख्य वन संरक्षक रमेश के दवे को सौंपी गई है. वन विभाग के वन-भू अभियान के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक जगदीश प्रसाद शर्मा द्वारा सतना जिले के उचेहरा तथा नागौद क्षेत्र मे चल रहे अवैध खनन को लेकर हाल ही में तैयार की गई रपट में साफ तौर पर कहा गया है कि खनन के अवैध कारोबार की कर्नाटक के बेल्लारी अवैध खनन प्रकरण की तर्ज पर जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये की पत्थर चोरी तथा रॉयल्टी चोरी का खुलासा हो सकता है. रपट में नागेंद्र और शुक्ल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. उधर, दोनों आरोपी मंत्रियों ने अवैध खनन में अपनी भूमिका से इंकार किया है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा चाहे वे कितने ही प्रभावशाली क्यों न हों.
पर कहने वालों का कहना है कि मध्य प्रदेश में सुशासन की दुहाई देने वाली शिवराज सरकार के दामन अब अवैध खनन के धंधों के कारण दागदार दिखने लगे हैं. शिवराज के दो मंत्रियों पर खनन माफिया के संरक्षण का आरोप लगने के बाद शिवराज अपने मंत्रियों को बचाने की कोशिश में नजर आ रहे हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास एक महीने से अवैध खनन की रिपोर्ट पड़ी है लेकिन मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है. सतना के वन अधिकारी के मुताबिक उचेहरा और नागौद वनक्षेत्र में पचास सालों से अवैध उत्खनन होता आ रहा है. जब भी वन विभाग का अमला कार्रवाई करने जाता है तो वनकर्मियों पर हमला बोल दिया जाता है. वन अधिकारियों के मुताबिक यहां कानून का नहीं बल्कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी मंत्री नागेंद्र सिंह के भतीजे का राज चलता है. सूबे में बीजेपी की पीडब्ल्यूडी मंत्री नागेंद्र सिंह और खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर आरोप है कि इन मंत्रियों की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार रफ्तार से चल रहा है.
वन विभाग के एडिश्नल चीफ कंजरवेटर जगदीश प्रसाद शर्मा ने अवैध खनन पर राज्य के चीफ फॉरेस्ट कंजरवेटर को सौंपी रिपोर्ट में बेल्लारी के बाबा राजा का जिक्र किया है. जांच रिपोर्ट के मुताबिक सतना के जंगलों में बाबा राजा का काम चल रहा है. बाबा राजा यानि एमपी के पीडब्लूडी मंत्री नागेन्द्र सिंह का भतीजा. आरोप है कि इलाके में पत्थर का अवैध खनन बगैर वन अधिकारियों की मिलीभगत के मुमकिन नहीं. एडिशनल चीफ फॉरेस्ट कंजरवेटर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस खनन की जांच अगर कर्नाटक के बेल्लारी केस की तर्ज पर की जाए तो वन क्षेत्र में करोड़ों रूपये के पत्थरों की चोरी और रॉयल्टी चोरी के रूप में सरकार को पहुंचाया गया करोड़ों का नुकसान उजागर हो सकता है. एसीएफओ की इस रिपोर्ट से हड़कंप मच गया है. शिकायतकर्ता ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. मामले की परते खुली तो कुछ और सफेदपोशों के नाम सामने आने से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
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