Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दैनिक जागरण से इस्‍तीफा दिया

दैनिक जागरण, गोरखपुर से खबर है कि शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने अखबार को अलविदा कह दिया है. 25 सालों से लगातार जागरण को अपनी सेवाएं दे रहे शैलेंद्रमणि ने भरे मन से जागरण को अलविदा कहा. शैलेंद्र मणि पिछले चौदह सालों से गोरखपुर में जागरण का नेतृत्‍व कर रहे थे. सन 97 में यूनिट हेड प्रकाशक, मुद्रक एवं संपादकीय प्रभारी बनने के बाद उन्‍होंने अखबार को उंचाइयों पर पहुंचाया था. खबर है कि शैलेंद्र मणि के इस्‍तीफे के बाद जागरण में हड़कम्‍प मचा हुआ है. 

दैनिक जागरण, गोरखपुर से खबर है कि शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने अखबार को अलविदा कह दिया है. 25 सालों से लगातार जागरण को अपनी सेवाएं दे रहे शैलेंद्रमणि ने भरे मन से जागरण को अलविदा कहा. शैलेंद्र मणि पिछले चौदह सालों से गोरखपुर में जागरण का नेतृत्‍व कर रहे थे. सन 97 में यूनिट हेड प्रकाशक, मुद्रक एवं संपादकीय प्रभारी बनने के बाद उन्‍होंने अखबार को उंचाइयों पर पहुंचाया था. खबर है कि शैलेंद्र मणि के इस्‍तीफे के बाद जागरण में हड़कम्‍प मचा हुआ है. 

शैलेंद्र मणि को जागरण में किनारे लगाए जाने की प्रक्रिया डेढ़ साल पहले उस समय शुरू हुई जब रामेश्‍वर पांडेय को स्‍टेट हेड बनाया गया. तभी से शैलेंद्र को झटका देने की रणनीति पर काम चल रहा था. पहले चरण में शैलेंद्र मणि के खास लोगों में रहे अशोक चौधरी, संजय मिश्रा एवं विजय उपाध्‍याय का स्‍थानांतरण किया गया. दूसरे चरण में चंद्रकांत त्रिपाठी यानी सीकेटी को सीजीएम बनाकर लाया गया. कुछ महीने पहले इन्‍हें सभी पदों से हटाकर अपकंट्री के विज्ञापन हेड की जिम्‍मेदारी दे दी गई थी, जिसके बाद से शैलेंद्रमणि काफी आहत चल रहे थे.

बताया जा रहा है कि इसी के बाद से शैलेंद्र मणि के मन में प्रबंधन को लेकर कड़वाहट आ गई थी. जब इनका तबादला कानपुर के लिए कर दिया गया तब मन के अंदर की कड़वाहट बाहर निकल आई और इन्‍होंने जागरण को अलविदा कह दिया. खबर है कि अब शैलेंद्र मणि के नेतृत्‍व में ही जनसंदेश टाइम्‍स की लांचिंग कराई जाएगी. इन्‍हें अखबार का एक्‍जीक्‍यूटिव डाइरेक्‍टर बनाया गया है. जनसंदेश की टीम भी लगभग तैयार कर ली गई है. जिलों में तो जागरण का स्‍ट्रक्‍चर ही तबाह हो गया है, तमाम जिलों में ज्‍यादातर पत्रकारों ने जनसंदेश से जुड़ने की हामी भर दी है. गोरखपुर में भी जागरण की टीम को शैलेंद्र मणि की टीम खोखला करने में लगी हुई है.

उल्‍लेखनीय है कि जब शैलेंद्र मणि ने जागरण की कमान संभाली थी तब जागरण की 32 हजार कापियां बिकती थी, जिसे उन्‍होंने एक लाख सत्‍ताइस हजार तक पहुंचाया था. रिवेन्‍यू भी कई गुना बढ़ा दिया था। पर पिछले कुछ समय से जागरण के अंदर की राजनीति से अखबार के सर्कुलेशन पर भी प्रभाव पड़ा है. दूसरी तरफ ये भी खबर है कि जब शैलेंद्र मणि ने इस्‍तीफा दिया तब मुख्‍य महाप्रबंधन सीकेटी अ‍ाफिस में नहीं थे. वे दस दिनों की छुट्टी पर बरेली गए हुए हैं. सूत्रों का कहना है कि इस्‍तीफा देते समय शैलेंद्र मणि के आंखों में आंसू भरे हुए थे तथा उन्‍होंने अपने सहकर्मियों से कहा कि बहुत भरे मन से यह निर्णय लिया है.

सूत्रों का कहना है कि जागरण प्रबंधन को शैलेंद्र मणि के इस कदम की आशंका तो थी, पर वे इतना बड़ा नुकसान होने की बात सपने में भी नहीं सोचे थे. जिस तरह से खबरें आ रही हैं उससे लगता है कि जनसंदेश की लांचिंग के समय जागरण को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि कल ही खबर आई थी कि गोरखपुर के कुछ पेज बनारस से बनकर आए थे, पर सूत्रों ने इस बात से इनकार कर दिया था, लेकिन जो भी हो शैलेंद्र मणि के जाने के बाद जागरण मैनेजमेंट होने वाले नुकसान का आकलन करते हुए डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर काम करने में लग गया है.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...