नईदुनिया में प्रधान संपादक श्रवण गर्ग की प्रताड़ना और अपमानजनक रवैये से त्रस्त 5 और पत्रकार इस संस्थान को अलविदा कह चुके हैं। ये हैं- जयेंद्र पुरी गोस्वामी, जितेश चंद्रवंशी, शैली माहेश्वरी, अरुण त्रिपाठी और सचिन त्रिवेदी। ये सभी इंदौर संस्करण में कार्यरत थे। लंबे समय से नईदुनिया को सेवाएं दे रहे अनुभवी पत्रकार गोस्वामी न्यूज एडिटर थे और सेंट्रल डेस्क देख रहे थे। चंद्रवंशी इसी डेस्क पर सब एडिटर थे, जबकि शैली माहेश्वरी नईदुनिया के साथ दिए जाने वाले टेब्लाइड आई नेक्स्ट में थीं।
अरुण त्रिपाठी रतलाम में रिपोर्टर थे। उन्होंने रतलाम में ही दैनिक भास्कर जॉइन कर लिया है। गोस्वामी और चंद्रवंशी भी एक बड़े बैनर से जुड़ने वाले हैं।शैली माहेश्वरी किस संस्थान से जुड़ेंगी, यह अभी तय नहीं है। सचिन त्रिवेदी कुछ महीने पहले ही नईदुनिया से जुड़े थे और उन्हें झाबुआ का ब्यूरो चीफ बनाया गया था, लेकिन यहां के माहौल को देखकर उन्होंने रुकना मुनासिब नहीं समझा और पत्रिका का दामन थाम लिया। उन्हें रतलाम भेजा गया है।
नईदुनिया के संपादकीय विभाग के खराब माहौल के चलते कोई भी पत्रकार यहां काम करना नहीं चाहता। लोग जैसे-तैसे अपना समय गुजार रहे हैं और अवसर की तलाश में हैं। जल्द ही कुछ और लोग भी इस संस्थान को छोड़ने वाले हैं। इनकी दूसरे संस्थानों में बात हो चुकी है। इंदौर के प्रेस जगत में नईदुनिया इतना बदनाम हो चुका है कि अच्छे लोग मुंहमांगे वेतन पर भी यहां आने को तैयार नहीं हैं।
इंदौर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित. भड़ास से संपर्क [email protected] के जरिए किया जा सकता है.






