: एसपी ने प्रेस काउंसिल को भी लिखा पत्र : रामगढ़ : न्यूज11 के कैमरामैन श्रीनिवास की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं. पुलिस को श्रीनिवास उर्फ बुदुल के घर से जांच में एक सिम और चिप मिला है, जिसमें आपत्तिजनक बातचीत रिकार्ड है. जांच में यह भी सामने आया है कि बुदुल हजारीबाग के माफिया डॉन सुशील श्रीवास्तव के लिए काम करता था. पूछताछ में सुशील ने भी स्वीकार किया है कि बुदुल उनकी टीम के साथ था.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मीडिया की आड़ में बुदुल आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था. पुलिस बुदुल का इतिहास खंगालने में जुट गई है. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बुदुल की हत्या किस लिए की गई, लेकिन पुलिस का मानना है कि आपराधिक गतिविधियों में संलग्न रहने के चलते ही यह हत्या हुई होगी. फिलहाल जांच जारी है. इधर, शक के आधार पर हिरासत में लिए गए अमर साव और श्रवण को छोड़ने की मांग उठने लगी है.
पुलिस ने सोमी शर्मा विवाद को देखते हुए इन दोनों को हत्या के दिन ही हिरासत में ले लिया था, जिन्हें अब तक न तो जेल भेजा गया है और ना ही छोड़ा गया है. व्यापारियों का एक दल एसपी से मिलकर दोनों को छोड़ने की अपील की है. हत्या में अब तक इन दोनों का हाथ होने के सबूत नहीं मिले हैं, लिहाजा एसपी ने भी आश्वासन दिया है कि पूछताछ के बाद इन दोनों को छोड़ दिया जाएगा. पुलिस पर इस हत्याकांड के खुलासे का बड़ा दबाव बना हुआ है. पुलिस ने तीन और लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया है.
दूसरी तरफ एसपी ने प्रेस काउंसिल को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है कि कौन से अखबार व टीवी चैनलों के पत्रकार अधिकृत रूप से काम कर रहे हैं. बुदुल की हत्या के बाद यह बात सामने आई है कि कई संदिग्ध चरित्र वाले लोग भी पत्रकारिता की आड़ लेकर दूसरे धंधों में संलिप्त हैं. एसपी ने ऐसे कई पत्रकारों का अतीत खंगालने का आदेश भी अपने सहकर्मियों को दे दी है. साथ ही प्रेस काउंसिल को पत्र तथा ईमेल भेजकर पत्रकारों की जानकारी मांगी है. एसपी अनीश गुप्ता ने प्रेस लिखे वाहनों के जांच के आदेश भी दे दिए हैं.





