उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड बेस रीजनल न्यूज चैनल श्री न्यूज की हालत नए साल में और खराब होती दिख रही है. आलम ये है कि अब श्री न्यूज के एच.आर विभाग के लोग आये दिन फोन पर गालियां सुन रहे हैं. दरअसल हुआ ये है कि श्री न्यूज में पिछले अक्टूबर महीने के बाद से किसी को भी सेलरी नहीं दी गयी.
चैनल के स्ट्रिंगरो को जनवरी 2012 से पेमेंट नही हुआ है. स्ट्रिंगर जब डेस्क पर फोन करते हैं तो उसे ये कहा जाता है कि बस चेक तैयार है, अकाउंट में जाने वाला है, यही नहीं कुछ जिलों के स्ट्रिंगर अब लेबर कौर्ट में भी जाने कि तैयारी भी कर रहे हैं.
जिसका आधार उन लोगों ने बनाया है कि अकाउंट में आने वाला चेक और खबरों कि गयी स्क्रिप्ट, श्री न्यूज ने कुछ ब्यूरो आफिस बंद हो चुके हैं. जैसे गोरखपुर, कानपूर आदि. कुछ ऐसी ही हालत देहरादून के रिपोर्टर कि है.
यही नहीं श्री न्यूज ने इलाहबाद और वाराणसी में तो अपने पुराने रिपोर्टरो को हटाकर दोनों जगहों पर पुलिस रिकार्ड में दर्ज दलालों, मुखबिरों को रिपोर्टर बना कर रख दिया है. इन दोनों जिलो के पहले के रिपोर्टरो को हटाने के लिए श्री न्यूज उनका तबादला एक महीने पहले नोयडा कर दिया था. इलाहबाद के रिपोर्टर सैयद ने तो रिजाइन दे कर अपना बकाया तीस हजार रुपया लड़-झगड़ कर एच.आर से लिया.
बनारस का मामला एक थाने में विचाराधीन है, क्योंकि पुराने रिपोर्टर ने नोएडा जाने से पहले अपने बकाये कि रकम ९० हजार के बदले कैमरा अपने पास रख लिया था, लेकिन बीच में जब एच.आर ने थानेदार को भरोसा दिया तो पुराने रिपोर्टर बकाये मूल्य के बराबर कैमरे को थानेदार को दे दिया, क्योंकि थानेदार ने भरोसा दिलाया है कि उसका और कैमरा मैन का बकाया अगर एक हफ्ते में नहीं मिला तो थानेदार अपने यहां कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करेगा. उसके बाद कंपनी ने कैमरा नोएडा वापस मंगा लिया.
कुछ यही आलम आगरा और मेरठ ब्यूरो को भी है, यहां भी वार्निग दी गयी है कि हर महीने २ लाख का विज्ञापन दो नहीं तो इस्तीफा दे दो. लगभग ७ -८ महीने से किसी भी ब्यूरो में कन्वेंस नही भेजा गया है, ३- ४ महीने कि सैलरी सबकी बकाया है.
लखनऊ का आलम ये है कि जहां कभी ९ – १० रिपोर्टर हुआ करते थे वहा अब मात्र २ रिपोर्टर और ५ कैमरा मैन बचे है. मकान मालिक ने भी चैनल को नोटिस दे रखा है. यहां के भी इंचार्ज को विज्ञापन लाने के लिए दवाब डाला गया है. लखनऊ के आफिस में विज्ञापन हेड और रिपर्टरो में हर रोज बहस भी हो रही है. नोएडा आफिस से भी दर्जनों लोगों ने छोड़ा है, जिनको कही नौकरी नही मिल रही है वही केवल इस आशा में नौकरी कर रहे हैं कि सैलरी मिल जाय तो छोड़ दिया जाये.
यही नहीं नोएडा आफिस के स्टाफ जब पैसा मांगते है तब एच.आर कहता है कि रिजाइन दे दो ,और दो महीने बाद आकर पैसा ले जाओ.
लखनऊ से निकले रिपोर्टरो से तो एच.आर का गाली गलौज तक हो गयी है. श्री न्यूज में काम कर रहे सभी स्टाफ केवल सैलरी कि आशा लगाये बैठे हैं. चैनल के लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब लोकसभा चुनाव की घोषणा हो और विज्ञापन मिले.
सूत्रों कि माने तो लोकसभा चुनाव के पहले ही ये चैनल बंद हो सकता है क्योंकि पिछले दो महीने से ये चैनल किसी भी जगह दिखायी भी नहीं दे रहा है. यही नहीं केवल चैनल बेबसाइट पर आ रहा है. डेस्क पर कोई ऊर्जावान नही रह गया है और न ही आउट पुट पर, बस रोज लोग दिन गिन रहे है और आफिस के लोग अपने एक आका कि शादी में व्यस्त है. चैनल के मालिक को कोई परवाह नही है , जिसकी वजह से आकाउंट और एच.आर के लोग जवाब देते देते मानसिक संतुलन खोते जा रहे है और इसी वजह से उनका हर रोज स्ट्रिंगरो और रिपोर्टरो से फोन पर झगड़ा हो रहा है.
एक स्ट्रिंगर द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित…