कोडरमा, झारखंड। जिले के वरीय पत्रकार संजीव समीर को 'झारखंड मीडिया फेलोशिप' अवार्ड मिला है. संजीव को ये फेलोशिप 'झारखंड की गायब होती बेटियां ' विषय पर शोध के लिए दी गयी. राज्य सरकार के द्वारा दिये जाने वाले इस फेलोशिप के तहत 50 हजार रूपये की राशि मिलती है. संजीव समीर पिछले दो दशक से कोडरमा जिले में पत्रकारिता कर रहे हैं. कई चर्चित रिपोर्ट के अलावा उनकी कवितायें और रचनायें भी विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं.
फेलाशिप के अपने विषय के बारे में संजीव ने कहा कि झारखंड की बेटियां गायब हो रही हैं, साल दर साल नौकरी और शादी के नाम पर बाहर जाती हैं तो लौटकर नहीं आती हैं. पिछले एक दशक में तीन लाख से अधिक बेटियों का यहां से पलायन हुआ. झारखंड के कई जिलों से नौकरी के नाम पर यहां की बहन बेटियों को दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता और अन्य बडे शहरों में ले जाया जाता है.
झारखंड से दूसरे प्रदेशों में चौका-बर्तन कर परिवार का भरण-पोषण करने हर साल 30 से 35 हजार बेटियां यहां से बाहर जा रही हैं. इनमें से ज्यादातर शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार होती हैं. वहीं कोडरमा, गिरिडीह और चतरा जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां की लडकियों को शादी के नाम पर ब्याह करके ले जाया गया पर बाद में उनकी क्या स्थिति है, यह पता नहीं. हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों से लोग आते हैं और लड़कियों को ब्याहकर ले जाते हैं। संजीव ने अध्ययन में पाया कि सालों बाद न तो इन बहन बेटियों का कुछ पता चलता है और न ही उनकी दशा पर कोई ध्यान देता है.