Samar Anarya : मुझे अन्ना हजारे-अरविन्द केजरीवाल की मध्यवर्ग के मूल चरित्र वाली राजनीति और इसके विरोध की राजनीति कभी रास नहीं आई. पर इसका मतलब यह नहीं है कि आप उनके साथियों की हत्या पर उतर आयें और मैं चुप रहूँ. संतोष कोली मरी नहीं बल्कि क़त्ल की गयी हैं.
उन ताकतों द्वारा जिनके हित व्यवस्था के कांग्रेस और भाजपा के बीच में झूलते रहने से जुड़े हैं और जिन्हें इस झूलने में खतरा बन सकने वाले किसी को फेसबुक कमेन्ट की वजह से गिरफ्तार करने से लेकर क़त्ल तक कर देने में उन्हें कोई वक़्त नहीं लगता. ये जागने की एक और चेतावनी है. बाकी आप सोते भी रह सकते हैं. संतोष कोली को श्रद्धांजलि.
समर अनार्या के फेसबुक वॉल से.






