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संपादकजी रेलवे में ट्रांसफर-एप्वायंटमेंट में दलाली करते थे, सीबीआई जांच में हुआ खुलासा

रेलवे में नियुक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति में कथित भ्रष्टाचार की नए सिरे से जांच के दायरे में एक पत्रकार की भूमिका भी है। एजेंसी ने रेलवे के अज्ञात अधिकारियों तथा ‘परिपूर्ण रेलवे समाचार’ के संपादक सुरेश त्रिपाठी के खिलाफ ताजा जांच दर्ज की है। त्रिपाठी ने अपने खिलाफ जांच को सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की ‘‘प्रतिशोधपूर्ण’’ कार्रवाई बताया है। सीबीआई रेल मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और तैनाती में भ्रष्टाचार और रिश्वत के लेनदेन में बिचौलियों की भूमिका के आरोपों की जांच कर रही है।

रेलवे में नियुक्तियों और वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति में कथित भ्रष्टाचार की नए सिरे से जांच के दायरे में एक पत्रकार की भूमिका भी है। एजेंसी ने रेलवे के अज्ञात अधिकारियों तथा ‘परिपूर्ण रेलवे समाचार’ के संपादक सुरेश त्रिपाठी के खिलाफ ताजा जांच दर्ज की है। त्रिपाठी ने अपने खिलाफ जांच को सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा की ‘‘प्रतिशोधपूर्ण’’ कार्रवाई बताया है। सीबीआई रेल मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और तैनाती में भ्रष्टाचार और रिश्वत के लेनदेन में बिचौलियों की भूमिका के आरोपों की जांच कर रही है।

बहरहाल, त्रिपाठी ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि रेलवे अधिकारियों के तबादले और तैनाती में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच में उनका नाम इसलिए शामिल किया गया है क्योंकि उन्होंने सिन्हा के खिलाफ लिखा था। तब सिन्हा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक थे। सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि महीनों गहन जमीनी कार्य करने के बाद जांच एजेंसी ने पाया कि त्रिपाठी के खिलाफ पर्याप्त प्रथम दृष्टया सामग्री है। इसके बाद एजेंसी ने अपनी जांच दर्ज की। सूत्रों ने कहा कि एजेंसी जल्द ही पूछताछ के लिए संपादक को तलब करेगी।

सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की जांच जून 2013 से चल रही है और इसी दौरान पत्रकार की कथित भूमिका का पता चला। यह जांच पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के कार्यकाल के दौरान मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति और ठेके देने में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है। रेल मंत्रालय में नियुक्ति और पदोन्नतियों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सीबीआई पहले ही दो जांच कर रही है। यह जांच तत्कालीन रेलवे बोर्ड सदस्य महेश कुमार के खिलाफ दर्ज एक मामले की जांच के तहत है। कुमार पर आरोप है कि उन्होंने बोर्ड का सदस्य बनने के लिए बंसल के भतीजे विजय सिंगला को रिश्वत दी थी। एक जांच में बंसल के तत्कालीन निजी सचिव राहुल भंडारी का नाम है।
 

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