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सत्ता की खिलाफत करने वालों से कैमरे क्यों हैं दूर?

केजरीवाल पर मीडिया क्यूँ है नदारद। क्या अन्ना अब भी है आम आदमी पार्टी के साथ? ये तो एक पहेली सा ही बनता चला जा रहा है। यूं तो केजरीवाल कहते हैं कि 20.58 लाख लोग उनके साथ हैं, भई ये तो चुनाव ही बताएंगे की आम आदमी पार्टी कितने पानी मैं है। केजरीवाल साहब को देखकर तो ऐसा लगता है कि देश में एक ही आम आदमी है। क्यूँ कुछ गलत तो नहीं कहा न मैंने। केजरीवाल साहब के अनशन को शानदार 12 से ज्यादा दिन बीत चुके पर क्या आम आदमी के बिजली के बिल माफ़ हो गए?? या केजरीवाल सिर्फ अन्ना के अनशन का रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे??

केजरीवाल पर मीडिया क्यूँ है नदारद। क्या अन्ना अब भी है आम आदमी पार्टी के साथ? ये तो एक पहेली सा ही बनता चला जा रहा है। यूं तो केजरीवाल कहते हैं कि 20.58 लाख लोग उनके साथ हैं, भई ये तो चुनाव ही बताएंगे की आम आदमी पार्टी कितने पानी मैं है। केजरीवाल साहब को देखकर तो ऐसा लगता है कि देश में एक ही आम आदमी है। क्यूँ कुछ गलत तो नहीं कहा न मैंने। केजरीवाल साहब के अनशन को शानदार 12 से ज्यादा दिन बीत चुके पर क्या आम आदमी के बिजली के बिल माफ़ हो गए?? या केजरीवाल सिर्फ अन्ना के अनशन का रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे??

आखिरकार अब कुछ समझ आ रहा है कि केजरीवाल कोशिश कर रहे हैं अन्ना से महान बनने का। और इस बीच मुख्य बात तो यह है मीडिया इन सब से दूर ही रही। क्या मीडियाकर्मी सिर्फ सरकार के कर्मचारी हैं या देश के? या मीडिया भी बिकने के कानून पर चलने लगा? अब केजरीवाल कह रहे हैं कि अनशन खोल दिया जाएगा और हो सका तो अन्ना जी के हाथों से जूस पीकर। या अन्ना जी के आशीर्वाद से। अब एक और गुत्थी सुलझना बाकी है कि क्या अन्ना जी भी केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी का समर्थन कर रहे हैं। इतनी बात तो हो गई पर समझ अब तक ये नहीं आया कि ये अनशन हुआ किसलिए? ये न तो मीडिया जानती हैं न मैं और न इस आम आदमी पार्टी के आम लोग।

सिद्धांत जैन

[email protected]

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
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