नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि मीडिया को भी लोकपाल के दायरे में आना चाहिए। उन्होंने राज्यसभा में बहस के दौरान सभी सांसदों से कहा कि इस विषय में लाए उनके संशोधन का समर्थन करें। भ्रष्टाचार का मामला कोर्ट में चलने के दौरान होने वाला मीडिया ट्रायल गलत है और इस पर अंकुश तभी लग सकता है, जब मीडिया को लोकपाल के दायरे में लाया जाए।
उन्होंने सीबीआई की स्वतंत्रता की वकालत करते हुए कहा कि इसकी कार्मिक मंत्रालय पर निर्भरता खत्म होनी चाहिए। यह तभी हो सकता है, जब सीबीआई निदेशक का कार्यकाल पांच साल के लिए तय किया जाए। उन्होंने पूर्व सांसदों को लोकपाल के दायरे में लाने की मुखालफत करते हुए कहा कि उनकी सदस्यता खत्म होने के बाद उन्हें लोक सेवक नहीं माना जाना चाहिए। लोकपाल के चयन के मामले में सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि अभी इसमें सरकारी वर्चस्व है, जो ठीक नहीं है। इसकी चयन समिति में राज्यसभा में विपक्ष के नेता को भी रखा जाना चाहिए। उन्होंने लोकसभा के अध्यक्ष को रखे जाने का समर्थन नहीं किया। उन्होंने भी लोकायुक्त के मामले में संघीय ढांचे से छेड़छाड़ नहीं करने की बात करते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। साभार : सहारा






