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सपा से नजदीकी बढ़ाने के चक्‍कर में एसएसपी ने फांस दिया दो छात्रों को!

इटावा : इटावा कहने को सपा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गृह जनपद है, लेकिन यहाँ मायावती के शासन काल से ही पुलिस की गुंडई कायम है, जो अब भी बदस्‍तूर जारी है. हद तो तब हो गयी जब इटावा के मायावी एसएसपी ने समाजवादी पार्टी की आँखों का तारा बनने के लिए दो पढ़ने वाले युवकों को अपराधी बना डाला. हत्या, लूट, बलात्कार, जुआ, सट्टा, मादक पदार्थों की बिक्री समेत तमाम आपराधिक कृत्‍य जिले में खुले आम हो रहा है, उन पर रोक नहीं लग पा रही है और नए अपराधी बनाने की तैयारी की जा रही है.

इटावा : इटावा कहने को सपा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का गृह जनपद है, लेकिन यहाँ मायावती के शासन काल से ही पुलिस की गुंडई कायम है, जो अब भी बदस्‍तूर जारी है. हद तो तब हो गयी जब इटावा के मायावी एसएसपी ने समाजवादी पार्टी की आँखों का तारा बनने के लिए दो पढ़ने वाले युवकों को अपराधी बना डाला. हत्या, लूट, बलात्कार, जुआ, सट्टा, मादक पदार्थों की बिक्री समेत तमाम आपराधिक कृत्‍य जिले में खुले आम हो रहा है, उन पर रोक नहीं लग पा रही है और नए अपराधी बनाने की तैयारी की जा रही है.

एसएसपी ऐसे सब इंस्‍पेक्‍टरों को थाना इंचार्ज बना रहे हैं, जिनको ठीक से चौकी चलाने का भी शऊर नहीं है. अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम एसएसपी अब मायावती के खास बनने के बाद अब सपा के नजदीक जाने को ब्‍याकुल हैं. इसी क्रम में इन्‍होंने चक्रव्‍यूह रच कर दो पढ़ने वाले छात्रों को बेवजह अपराधी बना डाला. ''गुनहगारों में शामिल हूं, गुनाहों से नहीं वाकिफ, सच जानते हैं हम, खता क्‍या है खुदा जाने'' कुछ इसी तरह का हाल जिले के एसएसपी राजेश मोदक डी राव का है. बसपा शासन काल में बसपाइयों के खास हुआ करते थे. अब प्रदेश में सत्‍ता परिवर्तित हुई तो सपाई बनने का नशा चढ़ गया है. इसी कोशिश में एसएसपी ने मोहम्‍मद हाशिम और मनोज कुमार नाम के दो छात्रों को इस आरोप में पकड़ा कि वह शस्‍त्र लाइसेंस बनवाने के लिए सैफई ब्‍लॉक प्रमुख तेज प्रताप सिंह का नाम लेकर दबाव बना रहे थे, तेज प्रताप सिंह सपा मुखिया के पौत्र हैं.

प्रेस को बुलाकर पूरे मामले का एसएसपी ने खुलासा किया लेकिन जब एक पत्रकार ने एसएसपी से सवाल किया कि आप प्रेस के लोगों का फोन नहीं उठाते तो एक अपराधी का फोन कैसे उठा लिया, इस सवाल पर एसएसपी को सांप सूंघ गया. उनकी हंसी बता रही थी कि पूरा मामला झूठ का पुलिंदा है. यह पूरा षड्यंत्र चंद पत्रकार और एसएसपी के दिमाग की उपज था, समाजवादी पार्टी का खास बनने के लिए. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी एक पार्टी नेता की तरह खुलासा कर रहे थे कि जबकि नवरात्र के दिन पुलिस की गोली से तीन देवी भक्‍त मारे गए, दो दिन पूर्व एक सपा कार्यकर्ता की हत्‍या हो चुकी है. पर किसी भी मामले का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है, किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. पूरे जनपद में अपराध चरम पर है.

मुख्‍यमंत्री का गृह जनपद अपराधियों का अड्डा बना हुआ है. एसएसपी सपा के खास बनने के लिए जिस सब इंस्‍पेक्‍टर के नाम के आगे यादव लिखा गया है उसको थानेदार बना रहे हैं, सीनियर दारोगा हाशिए पर ढकेल दिए गए हैं. इटावा शहर का सबसे महत्‍वपूर्ण थाना, जहां सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव तथा वरिष्‍ठ नेता रामगोपाल यादव का आवास है, उस थाने का इंचार्ज ऐसे सब इंस्‍पेक्‍टर को बना दिया, जिसे ठीक से वर्दी पहनने का भी शऊर नहीं है. जब सीएम के जनपद का यह हाल है तो पूरे प्रदेश के हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. पुलिस ने जिन दो छात्रों को पकड़ा है उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. मनोज कुमार हेवरा डिग्री कालेज का छात्र है जबकि हाशिम मध्‍य प्रदेश के भि़ड जनपद में पढ़ता है. दोनों ही जसवंतनगर के लुधपुरा गांव के रहने वाले हैं.

एसएसपी का कहना है कि पहले भी ये लोग मंत्री जी का नाम लेकर शस्‍त्र लाइसेंस बनवाते थे. एसएसपी यह भी भूल गए कि पहले बसपा की सरकार थी तो मंत्री जी यानी शिवपाल यादव का ना क्‍यों लेंगे ये छात्र. अभी तो मंत्रिमंडल के गठन को अभी एक माह भी नहीं हुआ है. माया के मायावी अधिकारी जब तक मुख्‍यमंत्री के जनपद में तैनात हैं तब तक अपराध और अपराधियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता, क्‍योंकि ये पुलिस अधिकारी अपनी पूरी ऊर्जा समाजवादी पार्टी के आंखों का तारा बनने में ही लगा रहे हैं. किसी पत्रकार ने भी यह जानने का प्रयास नहीं किया कि मामले में कितनी सच्‍चाई है, जो एसएसपी ने कहा वही पत्‍थर की लकीर मानकर छाप दिया, क्‍योंकि पांच वर्ष तक ये पत्रकार भी बसपाइयों की रोटी के टुकड़ों पर पलते रहे, अब समाजवादी पार्टी की नजरों में छाने के लिए कुछ भी लिख सकते हैं.

जब इन पत्रकारों का कोई अपना पुलिस के जाल में फंसला है तो लिखते हैं कि पुलिस की गुंडई चल रही है. परन्‍तु इस मामले में यह जानने की जरूरत भी नहीं समझी कि इन छात्रों का कोई आपराधिक इतिहास है कि नहीं, ये दोषी हैं या नहीं. एसएसपी की प्रेस वार्ता सुनकर कोई आम आदमी भी बता देगा कि सच्‍चाई क्‍या है. प्रेस कवर कर रहे पत्रकार एसएसपी के बयान को गीता का उपदेश मानकर ग्रहण कर रहे थे. पर इस बारे में जरा भी ध्‍यान नहीं दिया कि अगर ये दोनों छात्र गलत फंसाए गए तो ये भविष्‍य में बड़े अपराधी भी बन सकते हैं. आप भी देखिए एसएसपी की प्रेस कांफ्रेंस के विजुअल.

https://www.bhadas4media.com/index.php?option=com_hwdvideoshare&task=viewvideo&Itemid=278&video_id=587

https://www.bhadas4media.com/video/viewvideo/586/news-incident-event/rajesh-modak-s-s-p-etawah.html

इटावा से विकास मिश्र की रिपोर्ट.

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