प्रिय यशवंतजी, मैं आपका ध्यान एक बहुप्रतिक्षित न्यूज़ चैनल अल्फा न्यूज़ की एक बेवकूफी पर खींचना चाहता हूं। अल्फा न्यूज़ जल्द आने वाला है, जिसके लिए भर्तियां की जा रही हैं। चैनल का मौजूदा बेस सीपी स्थित सूर्यकिरण बिल्डिंग में है। कोई भी शख्स [email protected] पर सीवी भेज टेस्ट के लिए चैनल के दफ्तर जा सकता है। लेकिन जबसे ये प्रोसेस शुरू हुई है तब से आज तक, चैनल सबसे एक ही टेस्ट ले रहा है। एक ही सवाल पूछ रहा है। चाहे वो प्रोड्यूसर हो या ट्रेनी। ना तो टेस्ट बदला जा रहा है और ना ही सवाल।
मेरे कुछ दोस्तों को मैंने टेस्ट की सभी सवाल बताए और जब वो टेस्ट देने गए तो उनसे भी वही सवाल पूछे गए और उनका टेस्ट भी बढ़िया हुआ। मेरे ख़्याल से या तो चैनल सबको बेवकूफ बना रहा है या मीडिया में जॉब का सपना दिखाकर महज टेस्ट की फॉर्मेलिटी कर रहा है। मैंने एक बार चैनल को दूसरी मेल के माध्यम से इस सच से रूबरू भी करवाया था, लेकिन आज भी बदस्तूर चैनल का प्रबंधन वही टेस्ट ले रहा है, जो मैं 40 दिन पहले देकर आया था।
मैं टेस्ट के सवाल आपको भी मेल कर रहा हूं… आप भी किसी को भेजकर टेस्ट दिलवा सकते हैं। मेरा दावा है कि सवाल यहीं होंगे।
अल्फा न्यूज़ टेस्ट
1. DMRC NEW HEAD: Mr. Mangu Singh;
Yuvraj in News for Lungs Tumor
– मालदीव क्यों सुर्खियों में है।
– अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपबल्किन पार्टी के उम्मीदवार कौन हैं।
– हाल ही में गोवा में किस जाने-माने कार्टूनिस्ट का निधन हुआ है।
– योजना आयोग का अध्यक्ष कौन है।
– अग्निपथ 2012 का डायरेक्टर कौन है।
– किन राज्यों में इस महीने चुनाव हुए हैं।
– 2जी के कितने लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
2. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने हाल ही में मार्च 2012 तक देश की जीडीपी 6.9 फीसदी का अनुमान जताया है। इसी कॉपी का इंग्लिश से हिंदी में अनुवाद करना था। ये कॉपी नेट पर मिल जाएगी।
3. क्या भारतीय सिनेमा समाज का आईना है या महज़ इसकी परछाई। या अमेरिकी चुनावों में रिपलब्लकिन उम्मीदवारों पर संक्षिप्त लेख लिखें।
4. आप बतौर रिपोर्टर एक गांव में गए। वहां अलग-अलग घरों में गए। वहां हर घर के बरामदे में पुराने सिक्के गढ़े हैं। पहले घर में गए तो एक 40 साल का शख्स आपको मिला। उसने आपको बताया कि हमारे गांव में खेती ही रोज़गार को स्त्रोत है। उसके बाद उसने अपने पांच साल के पोते को बुलाया और रिपोर्टर यानी आपको कहा कि ये मेरा पोता पूरे गांव में पढ़ाई में अव्वल आता है। फिर आप गांव के आखिरी घर में गए। वहां भी पुराने सिक्के गढ़े थे। उस घर में एक तीस साल की औरत एक बच्ची को खिला रही थी। जैसे ही आप गए तो बच्ची ने कहा, 'दादी कोई आया है।' लेकिन उस औरत ने दरवाज़ा बंद कर लिया। अब आप बताइए, एक रिपोर्टर के नाते आप किस एंगल से रिपोर्ट फाइल करोगे और क्यों?
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.
अपडेट : इस संदर्भ में अल्फा ग्रुप के सीईओ शैलेष का कहना है कि टेस्ट पेपर के कई मॉडल हैं. अगर यह सबको मालूम भी चल जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता. आप जीके तैयार कर सकते हैं, पर जिस सवाल का एनालिटिकल जवाब लिखना है वो आप कैसे तैयार कर सकते हैं. आप उसे एक-दो या तीन दिन में नहीं बदल सकते हैं. किसी का न्यूज सेंस नहीं बदल जाएगा. अब तमाम तरीके से परीक्षाएं ली जा रही हैं कॉपी-किताब खोलकर फिर भी सबके नंबर अलग आते हैं. उनका कहना है कि एक सवाल के कई जवाब हो सकते हैं, संभव हो सभी सही हों पर सबके न्यूज सेंस और एनॉलिटकल अलग-अलग होंगे हमें इसी आधार पर चयन करना है. हमारे टेस्ट का मूल उद्देश्य यह देखना है कि आपका न्यूज सेंस और एनॉलिसिस कैसा है और यह एक-दो दिन में नहीं बदल सकता है.






