आज की मीडिया स्टिंग आपरेशन कर बड़े बड़े घोटाले उजागर कर रहा है. बैंकों द्वारा काले धन को सफेद करने के गोरखधंधे को भी मीडिया ने उजागर किया. यह राष्ट्रद्रोह का कार्य था. आज का युवा सर पर कफन बांध मीडिया में कार्य कर रहा है. बदलते जमाने के साथ ही मीडिया का चरित्र भी बदल गया है. राजनेता और नौकरशाही की भ्रष्टाचारी में पत्रकार भी शामिल होने लगे हैं. भ्रष्टाचार की खबरों को रोक लिया जाता है, खबरों को रोकना भी एक तरह से पेड न्यूज है.
यह बात भड़ास4मीडिया डॉट कॉम के संपादक यशवंत सिंह ने बुधवार को चैंबर ऑफ कामर्स बोंबे बाजार में आयोजित यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा पत्रकारिता दिवस पर आयोजित सम्मेलन व संगोष्ठी में कही. वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी ने कहा कि हवाला को मीडिया ने ही उजागर किया. जापान और कोरिया के प्रधानमंत्री मीडिया के कारण जेल गए. भारत में भी कई मंत्रियों को मीडिया ने जेल भिजवाने का कार्य किया है. समय के साथ ही आज की मीडिया की नैतिकता व मर्यादाएं बदल रही हैं. समय के साथ अब मीडिया खबर छिपाने लगा है, पहले उजागर करता था. विज्ञापन और पत्रकारिता में अंतर है. औद्योगिक क्रांति सबसे पहले मीडिया के जरिए आई. आर्थिक घोटालों में नेताओं के साथ अब पत्रकारों का नाम भी सामने आ रहे हैं. इसके बावजूद मीडिया में 100 में से 95 पत्रकार ईमानदार हैं.

जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंद्रपाल सिंह ने कहा कि पत्रकारों का शोषण हो रहा है, सुविधाएं कम कर कांट्रैक्ट पर रखा जा रहा है. मीडिया शोषण की बात उठाता है, लेकिन सबसे ज्यादा शोषित मीडिया के लोग हैं. पत्रकारिता के बिना देश चलना संभव नहीं है. मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि देश और समाज में क्या हो रहा है इसकी जानकारी मीडिया से ही आम जनता को मिलती है. कार्यक्रम में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि आज पत्रकार का जीवन सुरक्षित नहीं है, यदि पत्रकार का जीवन सुरक्षित नहीं होगा तो अच्छी पत्रकारिता नहीं होगी. हिंदी पत्रकारिता भारत की आवाज है. कार्यक्रम में अतिथियों को एसोसिएशन द्वारा सम्मानित किया गया. अध्यक्षता यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन जिलाध्यक्ष पवन मित्तल ने व संचालन राजकुमार ने किया. (साभार : जनवाणी)






