समाचार प्लस को लांच करने की तैयारियों की बीच प्रबंधन अपने संवाददाताओं को भी चुस्त दुरुस्त करने के साथ काम करने के तरीके बताने में जुटा हुआ है. इस क्रम में बुधबार को प्रबंधन ने यूपी-उत्तराखंड के सभी लगभग सभी 88 जिलों के संवाददाताओं को हेड ऑफिस बुलाया था. यहां पर एक दूसरे से परिचय कराने के बाद प्रबंधन ने सभी को चैनल की नीति और रीति को समझाया यानी एक तरह से सभी संवाददाताओं का वर्कशाप आयोजित किया गया था.
प्रबंधन ने इन संवादाताओं से चैनल की नीति को स्पष्ट कर दिया कि उन्हें खबरों के अलावा और किसी चीज पर ध्यान नहीं देना है. साथ ही प्रबंधन अपने संवाददाताओं को स्ट्रिंगर नहीं बुलाएगा. वर्कशाप में डाइरेक्टर और एडिटर इन चीफ उमेश कुमार, चैनल हेड अमिताभ अग्निहोत्री, एक्जीक्यूटिव एडिटर अतुल अग्रवाल, एसआईटी हेड प्रवीण साहनी, श्वेता समेत कई वरिष्ठों ने रिपोर्टरों को पीटीसी, लाइव, फोनो देने के तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी. उन लोगों को खबरों के प्रजेंटेशन का तरीका भी बताया गया.
प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम अपने रिपोर्टरों को एक अच्छा माहौल देना चाहते हैं. अगर ये संतुष्ट रहेंगे, चैनल से जुड़ाव महसूस करेंगे तो यह हमारे हित में ही होगा. उन्होंने बताया कि दोनों प्रदेशों के सभी संवादाताओं को रिपोर्टर होने का एहसास कराया जाएगा. उनकी पीटीसी चैनल पर चलेगा, फोनो के समय इनके फोटो चलाए जाएंगे. इन्हें पूरी तरह से एहसास दिलाया जाएगा कि ये चैनल के महत्वपूर्ण अंग हैं.
उनका कहना है कि संवाददाताओं से स्पष्ट कह दिया गया है कि खबरों के अलावा उन्हें और कुछ नहीं करना है. वे पूरी तरह खबरों पर ही अपना ध्यान केंद्रित करें. प्रबंधन चैनल के लांचिंग के दो-तीन महीने बाद यूपी-उत्तराखंड के सभी जिलों के रिपोर्टरों का बीमा कराने की भी योजना बना रहा है. ताकि किंहीं विशेष परिस्थितियों में इन्हें लाभ मिल सके. प्रबंधन अपने सभी रिपोर्टरों को दूसरे चैनलों के इतर अथॉरिटी लेटर के साथ आई कार्ड भी जारी करेगा.






