आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने 24 फरवरी को अतुल, डीजीपी, उत्तर प्रदेश तथा ओपी दीक्षित, डीजी, रूल्स एंड मैनुअल को बताया था कि वे 02 फरवरी से ही कोई सरकारी कमरा नहीं होने के नाते बाहर लान में बैठ कर काम कर रहे हैं. अतः या तो उन्हें सरकारी कामकाज के लिए नियमानुसार एक स्वतंत्र कमरा दिया जाए अथवा 28 फरवरी से वे सरकारी कमरे की व्यवस्था होने तक अवकाश पर रहेंगे.
ठाकुर ने कहा कि उन्होंने 02 फरवरी को ही अतुल और ओपी दीक्षित को यह बताया था कि ओपी दीक्षित खुद इस कार्यालय में नहीं बैठते पर उन्होंने एक सरकारी कमरा अपने नाम पर बंद करा रखा है. कोई अन्य कमरा नहीं होने के कारण वे कार्यालय के बाहर लान में बैठ कर अपना सरकारी काम कर रहे हैं. जब इस पत्र के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है तो ठाकुर ने आज 28 फरवरी से अवकाश ले लिया है. उन्होंने यह साफ़ कहा है कि उन्हें इस समय ना तो अवकाश की जरूरत है और ना ही वे यह अवकाश अपनी मर्जी से ले रहे हैं. वे यह अवकाश इसीलिए लेने को बाध्य हुए हैं क्योंकि उन्हें बार-बार एक सरकारी कमरा मांगने के बाद भी नहीं दिया गया. उन्होंने इस स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारण करने के लिए भी कहा है.







