मध्य प्रदेश के शिवनी जिले के पत्रकार रोहित शर्मा का अपहरण कर पुष्पराज दुबे नाम के एक सरपंच ने मारपीट की. रोहित के दोस्त एक पुलिसकर्मी की मदद से मौके पर पहुंच कर किसी तरह बचाया, लेकिन सीएम शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले की पुलिस इस मामले में लापरवाही बरतते हुए आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज नहीं किया है. पुलिस ने मारपीट की हल्की-फुल्की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है.
पुलिस के इस रवैये से आहत पत्रकार रोहित ने एसपी को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है. साथ ही यह भी कहा है कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे सीएम के घर के सामने अनशन और उसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो आत्मदाह कर लेंगे. नीचे रोहित द्वारा एसपी को लिखा गया पत्र..
कार्यवाही हेतु।
प्रति,
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय
जिला सिवनी (म.प्र.)
विषय- निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच एवं अपराधियों पर सख्त कार्यवाही बावत।
महोदय जी,
मैं रोहित शर्मा पुत्र स्व. कैलाश नारायण शर्मा निवासी छिन्दवाड़ा नाका के पास किदवई वार्ड गंगा नगर सिवनी महोदय जी मैं दिनांक 27/05/2013 को रात्रि 9.30 बजे अपने मित्र के यहां शादी के रिसेप्शन में डूंडासिवनी गया था, जहां मैंने कुछ समय बिताया इसके पश्चात जब मैं बाहर रोड पर खड़ा था तो मुझे पुष्पराज दुबे ने गले में हाथ डालकर घसीटते हुए अपने स्कार्पियो वाहन क्र. एम.पी. 22 बी. ए.9999 पर चार लोगों के साथ मिलकर गाड़ी में बैठाया और मुझे अनजान जगह ले जाने लगे। जब मैंने पूछा कि मुझे कहां ले जा रहे हैं तो पुष्पराज ने गाड़ी में ही मारना चालू कर दिया और मुझे गंदी -गंदी गालियां देते हुए कहा कि बहुत समाचार छापता है, तुझे पता है मैं सरपंच हूँ और वर्तमान में सरपंच संघ का जिला अध्यक्ष हूँ। मेरे कहने पर तुझे पुलिस भी तोड़ेगी और मुझे रिलाइंस टॉवर राजपूत कॉलोनी के पीछे वाले निर्माणाधीन मकान में ले गये, जहां पुष्पराज दुबे, अयोध्या विश्वकर्मा, सुनील सनोड़िया और उनके तीन साथियों ने जिनके नाम मुझे नहीं मालूम, जिनमें एक पुष्पराज दुबे के वाहन का ड्राइवर था। उन्होंने मेरे कपड़े उतारे और मुझे तार एवं लाठी से पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद मुझे इलेक्ट्रिक शॉट लगाने का प्रयास करते हुए दो वायरों को आपस में टकराते हुए डराया गया एवं मेरे गुप्तांग को हाथों से दबाया गया।
पुष्पराज ने ड्राइवर को कहा कि जा मेरे घर से माउजर गन ला आज इसे बताते हैं नकली लोग कैसे पत्रकार को मारते हैं और साथ में दारू भी लाने को कहा। यह पूरा घटनाक्रम लगभग आधे घंटे तक मुझे उस मकान में बंघक बनाकर किया गया। पुष्पराज दुबे और उसके साथियों ने मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की बात कही, तभी मेरे कुछ मित्र मुझे तलाश करते हुए स्कार्पियो वाहन जिसमें मुझे जबरदस्ती लाया गया था, उसे देख वहां रूके और थाना कोतवाली में पदस्थ पुलिस कर्मी रूपेश यादव को साथ लेकर वहां पहुंचे। जहां मेरे मित्रों ने मुझे निर्वस्त्र अवस्था में पुष्पराज दुबे और उसके साथियों द्वारा मुझे मारते हुए देखा। जब उन्होंने होहल्ला किया तो पुष्पराज के साथी सुनील सनोड़िया मेरे मित्रों पर लकड़ी की पटिया से हमला करने की कोशिश की। तभी पुष्पराज दुबे के एक अन्य साथी ने मुझे जबरन कपड़े पहनाकर मकान के उंचे स्थान से पीछे के स्थान से जमीन पर फेंक दिया व दोपहिया वाहन से जबरजस्ती मुझे बैठाकर डूण्डासिवनी चौक में फेंक दिया गया। घटना के पश्चात जब मेरे साथियों थाना प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक सिवनी को मेरे अपरहण व मेरे साथ हुई जानलेवा बात की सूचना दी, तो लगभग 15 मिनट बाद एस.आई. अंगद प्रसाद तिवारी अपने बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने सुनील सनोड़िया को अपने दोपहिया वाहन से भागते हुए अपनी हिरासत में लिया और बिना मकान में छानबीन किए सुनील सनोड़िया और उसके वाहन को लेकर थाना कोतवाली पहुंचे। मैं अपने मित्रों के साथ थाना कोतवाली पहुंचा। मैंने ड्यूटीरत अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी। पुलिस ने औपचारिक कार्यवाही करते हुए मेरा डॉक्टरी परीक्षण कराया और थाना में लाकर छोड़ दिया। मैं थाने में 12.30 बजे से सुबह 4.00 बजे तक पुलिस से पूरी घटना पर कार्यवाही करने और मामला बनाने की बात करता रहा, पुलिस ने मेरी न सुनी और अपहरण का मामला न बनाकर जबरन सिर्फ मारपीट का मामला बनाया। मेरे द्वारा पुलिस की इस कार्यवाही से असंतुष्ट होकर रात्रि 1.45 मिनट में एक लिखित शिकायत एस.आई. अंगद तिवारी को दी गई। पुलिस ने तब भी मामला दर्ज नहीं किया और न ही कोई कार्यवाही की। पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही न होते देख मैं पुलिस के समक्ष खूब रोया और गिडगिड़ाया लेकिन पुलिस द्वारा ममला बनाने की बजाय मुझ पर दबाब बनाती रही। बाद में पुलिस अधिकारी ने मुझे और मेरे साथियों को रात्रि 4.30 बजे बिना कोई कार्यवाही किये बैरंग लौटा दिया और सुबह 10.00 बजे आने के लिए कहा। जब मैं अपने साथियों के साथ 10.00 बजे थाने में पहुंचा तो पुलिस ने एक एफ.आई.आर. की कॉपी जिसमें अपराध क्रमांक 316/13 धारा 341, 294, 323, 506, 34 आई.पी.सी. एवं रो.सा.क्र. 2492 में अपराध पंजीबद्ध कर मुझे सौंप दी और जिससे मैं असंतुष्ट हूँ। साथ ही सिवनी पुलिस ने हिरासत में लिए गये सुनील सनोड़िया को भी थाने से छोड़ दिया, जिसे मैंने सुबह थाने से नदारत पाया।
महोदय जी मेरे द्वारा आपको की जा रही इस शिकायत में लिखित समस्त जानकारी पूर्णतः सत्य है। अतः आपसे निवेदन है कि आरोपी पुष्पराज दुबे और उसके साथियों द्वारा मुझे अगवा कर बंधक बनाकर मेरे साथ की गई वारदात और वारदात के बाद सिवनी पुलिस द्वारा मेरे साथ जो रवैया बरता गया जिससे पूरी पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। उसकी उच्च स्तरीय जांच करायें और दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही करें।
महोदय जी आपसे निवेदन है कि उक्त आरोपियों को 24 घंटे के अंदर पुलिस हिरासत में नहीं लेती तो मुझे भय है कि मेरे परिवार के साथ और कोई अनहोनी घटना घटित की जा सकती है। मान्यवर मेरा आपसे यह भी निवेदन है कि मैं मेरे साथ हुई इस घटना से बेहद ही आहत हूँ। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मैं आगामी दिनों में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान के सामने तीन दिवसीय अनशन पर बैठूंगा और इसके बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के निवास के सामने ही आत्मदाह करूंगा, जिसका जिम्मेदार सिवनी पुलिस प्रशासन एवं म.प्र. सरकार होगी।
कार्यवाही के विश्वास के साथ।
स्थान – सिवनी
दिनांक- 28/05/2013
संलग्न – 1. एफ.आई.आर. की प्रमाणित प्रति।
2. पुलिस को दिए गए सूचना आवेदन की प्रति।
प्रतिलिपि-
आई.जी. महोदय जी जबलपुर संभाग।
पुलिस महानिदेषक महोदय जी म.प्र. षासन भोपाल।
गृह मंत्री महोदय जी म.प्र. षासन भोपाल।
श्री षिवराज सिंह चौहान मुख्य मंत्री महोदय जी म.प्र. षासन भोपाल।
श्रीमान राज्यपाल महोदय म.प्र. षासन भोपाल।
समस्त समाचार पत्र प्रकाषनार्थ हेतु।
आवेदक
रोहित शर्मा
प्रधान संपादक
राष्ट्रीय सप्ताहिक मंडे मसाला
समाचार पत्र






