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सलमान रुश्‍दी खराब व निम्‍नस्‍तरीय लेखक : काटजू

नई दिल्ली : कट्टरपंथियों के बाद अब भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कडेय काटजू ने बिट्रिश लेखक सलमान रुश्दी पर निशाना साधा है। उन्होंने रुश्दी को खराब व निम्नस्तरीय लेखक बताते हुए कहा कि विवादस्पद पुस्तक सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें बहुत ज्यादा लोग नहीं जानते थे। उन्होंने रुश्दी के प्रशंसकों की भी आलोचना करते हुए कहा, वे औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त हैं कि विदेश में रहने वाला लेखक महान होता है। कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे, जबकि रुश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।

नई दिल्ली : कट्टरपंथियों के बाद अब भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कडेय काटजू ने बिट्रिश लेखक सलमान रुश्दी पर निशाना साधा है। उन्होंने रुश्दी को खराब व निम्नस्तरीय लेखक बताते हुए कहा कि विवादस्पद पुस्तक सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें बहुत ज्यादा लोग नहीं जानते थे। उन्होंने रुश्दी के प्रशंसकों की भी आलोचना करते हुए कहा, वे औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त हैं कि विदेश में रहने वाला लेखक महान होता है। कबीर और तुलसीदास इसलिए अच्छे नहीं क्योंकि वे बनारस के घाट पर रहते थे, जबकि रुश्दी महान लेखक इसलिए हैं क्योंकि वह टेम्स नदी के घाट पर रहते हैं। यह हमारे बौद्धिक और साहित्यिक लोगों का सोचने का स्तर है।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश रह चुके काटजू ने बुधवार को यहां जारी एक बयान में कहा, मैंने रुश्दी की कुछ पुस्तकें पढ़ी हैं और मेरा मानना है कि वह एक खराब लेखक हैं। सैटेनिक वर्सेज से पहले उन्हें कम ही लोग जानते थे। यहां तक मिडनाइट चिल्ड्रेन को भी महान साहित्य कहना कठिन है। काटजू ने कहा, समस्या यह है कि आज भारत के तथाकथित शिक्षित लोग औपनिवेशिक हीनभावना से ग्रस्त है इसलिए जो भी लंदन या न्यूयार्क में रहता है, वह महान लेखक हैं जबकि भारत में रहने वाले लेखक निम्न स्तर के है। उन्होंने कहा, रुश्दी के भारत आने पर पाबंदी के बारे में बोल कर विवाद खड़ा करना नहीं चाहता। मैं धार्मिक रुढि़वादिता के खिलाफ हूं, पर एक निम्न स्तरीय लेखक को नायक के रूप में पेश किए जाने का भी समर्थन नहीं करता।

साहित्य उत्सव पर निशाना साधते हुए काटजू ने कहा, यहां लोगों को साहित्य पर गंभीर चर्चा की उम्मीद थी, पर यह साहित्य उत्सव पूरी तरह से सलमान रुश्दी के इर्दगिर्द केंद्रित होकर रह गया। फिल्म जगत से जुड़ी दो हस्तियों को देश के सर्वोत्तम कवि के रूप में पेश किया गया। मेरी नजर में यह काम बेहद ओछा है। पुलित्जर विजेता ने विवाद को शर्मनाक बताया न्यूयॉर्क : पुलित्जर विजेता लेखक डेविड रेमनिक ने जयपुर साहित्य महोत्सव में सलमान रुश्दी से जुड़े पूरे घटनाक्रम को शर्मनाक करार देते हुए कहा है कि यह समकालीन भारतीय राजनीति में परेशान करने वाले चलन को प्रदर्शित करता है। साभार : एजेंसी

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