सहारनपुर। राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाने वाला कृषि पत्रकारिता का वर्ष 2013 का ‘‘किसान चक्र एवार्ड’’ सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डा. वीरेन्द्र आज़म को दिया गया है। यह एवार्ड चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय के गोल्डन जुबली सभागार में देश भर के वनस्पति व कृषि वैज्ञानिकों की संस्था ‘‘सोसायटी फॉर प्लांट रिसर्च’’ द्वारा 21 फरवरी से 23 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार के उद्घाटन सत्र में दिया गया।
एवार्ड सोसायटी के संस्थापक सचिव व सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो.सुबोध कुमार तथा सोसायटी अध्यक्ष व शेर-ए- कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय जम्मू-कश्मीर के विभागाध्यक्ष प्रो.आर के गुप्ता द्वारा प्रदान किया गया। समारोह की अध्यक्षता डीएवी विश्वविद्यालय जालंधर के कुलपति प्रो.आर. के. कोहली ने की। जबकि बाटनीकल सर्वे ऑफ इंडिया कोलकाता के निदेशक प्रो.परमजीत सिंह व डीबी विश्वविद्यालय मंडी गोविंदगढ़ के कुलपति प्रो.एस एस चहल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस अवसर पर कई वैज्ञानिकों को भी विभिन्न एवार्ड प्रदान किये गये। इनमें प्रो. वीबीएस रायजादा, प्रो. सी एस प्रसाद, प्रो.विनय शर्मा, प्रो. सुनील पब्बी, प्रो.रेणु भारद्वाज व युवा वैज्ञानिक संगीता बंसल शामिल हैं।

सोसायटी द्वारा गत वर्ष से ही प्रारंभ किया गया यह एवार्ड डा.वीरेन्द्र आजम को उनके द्वारा तीन वर्ष तक दिल्ली से प्रकाशित कृषि मंगल मासिक के सफल संपादन के दौरान किसानों को जैविक, हरी व कंपोस्ट खाद तथा फसलों में कीट नियंत्रण के लिए ट्राइकोडरमा के प्रति प्रेरित करने तथा समय- समय पर विज्ञान प्रगति, उत्तर प्रदेश पाक्षिक, योजना मासिक, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा व नवभारत टाइम्स सहित विभिन्न पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से पर्यावरण, उसर भूमि सुधार, पेयजल, वन गुर्जर, तथा गांव-किसान पर आधारित अनेक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स आदि के लिए दिया गया है।
इससे पूर्व भी वीरेन्द्र आजम को 1981 में पत्रकारों की अखिल भारतीय निबंध प्रतियोगिता में तत्कालीन उपराष्ट्रपति श्री एम हिदायतुल्ला द्वारा पुरस्कृत तथा वर्ष 2006 में उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में तत्कालीन उपराष्ट्रपति श्री भैरोसिंह शेखावत द्वारा स्वस्थ व आदर्श पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा जहां उन्हें वर्ष 1985 में मेरठ से प्रकाशित दैनिक प्रभात द्वारा मंडल स्तरीय पत्रकारिता प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो चुका है, वहीं सौ से अधिक संस्थाओं द्वारा पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।






