Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

सहाराकर्मियों की बढ़ती तनख्वाह पर ग्रहण

: कानाफूसी : सहाराकर्मियों का सेलरी इनक्रीमेंट फिर रोक दिया गया है… कई अखबारों में सेलरी बढ़ाने का विज्ञापन देने वाले सहारा ग्रुप में सेलरी इनक्रीमेंट पर फिर ग्रहण लग गया है… इस बार मैनेजमेंट का अलग ही बहाना है… मैनेजमेंट की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि वेतन वृद्धि की प्रक्रिया पैराबैंकिंग के स्टाफ के लिए शुरू की गई थी… लेकिन पैराबैंकिंग डिवीज़न ने अब तक वेतनवृद्धि का चार्ट प्रबंधन को नहीं दिया है और ऐसे में अगर सहारा मीडिया में सेलरी बढ़ा दी जाएगी तो पैराबैंकिंग स्टाफ नाराज़ हो जाएगा… इसलिए सबका वेतन एक महीने बाद एक साथ बढ़ाया जाएगा.

: कानाफूसी : सहाराकर्मियों का सेलरी इनक्रीमेंट फिर रोक दिया गया है… कई अखबारों में सेलरी बढ़ाने का विज्ञापन देने वाले सहारा ग्रुप में सेलरी इनक्रीमेंट पर फिर ग्रहण लग गया है… इस बार मैनेजमेंट का अलग ही बहाना है… मैनेजमेंट की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि वेतन वृद्धि की प्रक्रिया पैराबैंकिंग के स्टाफ के लिए शुरू की गई थी… लेकिन पैराबैंकिंग डिवीज़न ने अब तक वेतनवृद्धि का चार्ट प्रबंधन को नहीं दिया है और ऐसे में अगर सहारा मीडिया में सेलरी बढ़ा दी जाएगी तो पैराबैंकिंग स्टाफ नाराज़ हो जाएगा… इसलिए सबका वेतन एक महीने बाद एक साथ बढ़ाया जाएगा.

ऐसे में वेतनवृद्धि को लेकर खासे उत्साहित दिख रहे सहारा मीडिया के कर्मचारी खुद का ठगा सा महसूस कर रहे हैं… वैसे अंदर की खबर तो ये भी है कि स्वतंत्र मिश्रा एंड कंपनी का शायद सफाया हो सकता है और राय बहादुरों की फिर से वापसी हो सकती है… कहा ये भी जा रहा है कि उपेंद्र राय दिल्ली के किसी होटल में बैठकर पिछले कई दिनों से स्वतंत्र मिश्रा से रिपोर्ट ले रहे हैं और उपेंद्र राय के ही कहने पर वेतन वृद्धि की प्रक्रिया रोकी गई है… क्योंकि जिस तरीके से स्वतंत्र मिश्रा ने उपेंद्र राय के जाने के बाद सारी प्रक्रिया दोबारा शुरु कराई थी उसी तरह से उपेंद्र राय ने भी वही दांव आज़माया है… खबर ये भी है कि उपेंद्र राय को सीबीआई की तरफ से क्लीनचिट मिल सकती है और ऐसा होते ही उपेंद्र राय फिर से सहारा में वापसी कर सकते हैं… अब ये सहारा है… इसकी रहस्यमई दुनिया कोई आज तक समझ नहीं पाया… देखते हैं क्या होता है.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...