Ashutosh Dixit : खबर : तुने ये क्या कर डाला ! स्याही फेंकने वाले शख़्स ने अपना नाम मनोज शर्मा बताया और ख़ुद को पेशे से एक वकील बताया. (आभार-BBC)
Amitabh Thakur : श्री सुब्रत रॉय सहारा पर सुप्रीम कोर्ट कैम्पस में स्याही फेंकी गयी- हाँ, इस संसार में कहीं ना कहीं न्याय है.. Ink thrown on Mr Subrata Roy Sahara in SC premises- yes, there is justice in this world…
पंकज कुमार झा : सुब्रत राय सहारा के चेहरे पर पर कोर्ट में कालिख फेकी गयी. एक अधिवक्ता ने चोर-चोर कहते हुए यह कारनामा अंजाम दिया.



Yusuf Ansari : बुरी नज़र वाले तेरा मुंह काला
Prakash Hindustani : सुप्रीम कोर्ट परिसर में ऐसा करना क्या उचित है? (विस्तृत जानकारी कल के अख़बारों में Advertisement के रूप में)
Samar Anarya : सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय का बिना शर्त माफ़ीनामा स्वीकार किया। आप क्या समझे थे क्लाईमैक्स में 'थ्रिल' होगा? सिस्टम के बाहर हैं माई लार्ड लोग?
Mayank Saxena : इस वक्त लगभग सारे राष्ट्रीय चैनल खासकर अंग्रेज़ी चैनल सुब्रत राय के चेहरे पर स्याही फेंके जाने की फुटेज को स्लो मोशन कर के…एरो और गोला लगा कर…चला रहे हैं…पूछ रहे हैं कि आखिर लंदन में टेम्स नदीं पर पेंटहाउस में रहने वाले, वहां होटलों और कम्पनियों का अधिग्रहण करने वाले…क्रिकेट से लेकर हॉकी को स्पॉंसर करने वाली…कम्पनी के पास निवेशकों को लौटाने के लिए पैसा नहीं है… बिल्कुल सही सवाल हैं…एंकर और रिपोर्टर भी लगातार ऐसा ही कुछ-कुछ बोल रहे हैं…मैं आप से सौ फीसदी सहमत हूं कि गरीबों का पैसा लूट लेने वाले लोगो को जवाब देना चाहिए…कि आखिर अगर उनके पास पैसे नहीं हैं, 24000 निवेशकों को लौटाने के लिए…तो फिर ऐसी आलीशान ज़िंदगी क्यों और ऐसे शाहखर्च क्यों… आपकी बातें सिर आंखों पर…लेकिन सर, ये सवाल आप ने विजय माल्या पर क्यों नहीं उठाए थे, जब आईपीएल में 14 करोड़ में युवराज खरीदे गए और 4 करोड़ में घोड़ा…प्लीज़, कुछ तो बोलिए अंगेज़ी चैनल के पत्रकारों… (सुब्रत राय के खिलाफ लेकिन विजय माल्या के भी)
Devendra Surjan : कहा जाता है कि सहारा को अंडरवर्ल्ड का सहारा मिला हुआ है. सहारा में शाहरुख, अमिताभ, ऐश्वर्या और सितारों की दुनिया के दूसरे कई नामचीन लोगों का धन लगा हुआ है. समय समय पर ये लोग सहारा के डायरेक्टर भी रह चुके हैं. राजनीतिक क्षेत्र से मुलायम और अमरसिंह इत्यादि का भी भरपूर समर्थन हमेशा इसे उपलब्ध रहा है. फ़िल्मी दुनिया, खिलाड़ियों और राजनीतिक दुनिया के बहुत से लोगों को अंडरवर्ल्ड की न केवल धमकियां पूर्व में मिलती रही हैं बल्कि कईयों की वह जान तक ले चुका है – लेकिन जिन नामों का उल्लेख मैंने किया है उन्हें कोई सरगना कभी धमकी तक नहीं दे पाया. जिसकी वजह सहाराश्री सुब्रत राय का बीच में होना कही जाती है. सहाराश्री न केवल इन सितारों, खिलाड़ियों तथा राजनीतिकों को सुरक्षा दिलवाते हैं बल्कि इनकी काली कमाई को अपने यहाँ जमा करके उसे और शुभ कर देते हैं. यही कारण है कि सुब्रत राय के पक्ष में फ़िल्मी, खिलाड़ी और राजनीतिक हस्तियाँ कल से खुलकर बयानबाज़ी कर रही हैं और उन्हें भगवान होने तक सुशोभित कर रही है. नाम शुभ्र और काली करतूत. आज किसी वकील ने शुभ्रत के शुभ्र मुख पर काली स्याही पोत दी. उनकी ''शुभ्रता पर कुरुपता'' इस तरह से आयेगी ऐसी तो किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी. लेकिन बुरे काम का बुरा नतीजा, सच्चे का बोलबाला और झूठे का मुंह काला जैसे मुहावरे निरर्थक होने के लिए तो नहीं बने हैं. उम्मीद है चिटफंड कम्पनियों की काली करतूतें सहाराश्री की गिरफ्तारी के बाद सतह पर आयेंगी और मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित जहां जहां भी चिट्फंडीयों ने गरीबों में कोहराम विगत वर्षों में मचवाया है उन्हें भी क़ानून के लम्बे हाथ छोड़ेंगे नहीं.
Sudhir Tiwari : सफलता का शॉर्ट कट "सहारा" को भी बेसहारा कर गया! मुलायम, अमरसिंह व अभिताभ बच्चन भी असहाय हैं! मद के दम्भ में कानून वा नियमों कि अवहेलना करने वालों की प्रवत्ति का प्रकृति ऐंसे ही मान मर्दन करती है! निवेशकों के धन पे ऐश करने वालों पर बस राहु वा शनि की कोप दृष्टि ही तो चाहिए! देर सबेर मुकेश अम्बानी भी ऐसे ही न्यायपालिका के पहाड़ के नीचे ऊंट बन जरूर पहुंचेंगे! फिर न मोदी काम आयेंगे, न गुजराती फैक्टर और ना कांग्रेस के रहनुमा! अपने तुलसी बाबा तो कहते ही हैं- काहू ना कोई सुख दुःख कर दाता, निज कृत कर्म भोग सब भ्राता!
अभिनव मल्लिक : सहारा का मूल अररिया जिला से है, जो सुपौल का पडोसी जिला है। पुरे इलाके के गरीब लोगों का बहुत मेहनत का रूपया लगा हुआ है। पिछले 4-5 दिनों से सहारा का कार्यालय जो प्रायः रेंट पर है, में ताला लगा है। संजोग देखिये..सहारा पर कार्यवायी करने वालों में सेबी के 2 उच्याधिकारी IAS सुपौल से सम्बन्ध रखतें है, पिछले कुछ महीने से इनलोगों के सम्बन्धियों को भी सहारा के तरफ से इन्फ्लुएंस करने का अथक प्रयास किया गया है। इससे पहले JVG के शर्माजी, जो रामविलास पासवान के दूसरी पत्नी के सम्बन्धी हैं ने पुरे कोसी एरिया को लुट लिया था..फिर कुबेर..फिर PRAYAG वालों ने लुटा। अब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को सही कहा है कि इन्वेस्टर का रूपया लौटने का हिसाब बताना ही नहीं लौटना भी है।.. आपने बिलकुल सही कहा है सर ..की चनेलों पर भी कड़ी कार्यवायी होनी चाहिए…
Sapan Tiwari : सहारा को जो 20हजार करोड़ रुपये लौटने हैं !जिन जमा कर्ताओं के नाम बताएं सहारा द्वारा बताया गया उनमें से 90%लोग नकली या मरें हुए लोग के थे..!! जांच में सुप्रीम कोट को पता लगा ये कालेधन का मामला हैं.. पूरा 20हजार करोड़ देश के बड़े लोगों की काली कमाई हैं सभी पार्टी इसीलिए शांत हैं क्योंकि सबका पैसा फंसा हैं सहारा में…!!, ओर रामदेव उसी सहारा को बचाने में लगा हैं ठंग रामदेव भी सहारा में लगाया हैं अपना काला धन लगता तो यही हैं..!!
Kashyap Kishor Mishra : सहारा के खिलाफ कार्यवाई हुई.. पर एक चोर कंपनी यह भी है.. एस्कॉर्ट्स फाइनेंस लिमिटेड और उससे जुड़े परिवार आज तक अछूते क्यों हैं? इस कंपनी की धोखाधड़ी का एक शिकार मैं भी हूँ… सन 2005 में इस कंपनी ने बताया कि यह अपने जमाकर्ताओ की ज़मा रकम लौटाने में सक्षम नहीं है, लिहाजा यह लिक्विडेट होने जा रही है.. फिर आज भी यह कंपनी कैसे काम कर रही है? http://www.escortsfinance.com/index-2.html
Sanjay Tiwari : लोकतंत्र में कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों की सही जगह जनता के जूते के पास होनी चाहिए लेकिन कॉरपोरेट चोट्टों ने अपने आपको लोकतंत्र का मालिक समझ लिया है. सहारा वाले को तिहाड़ भेजकर सुप्रीम कोर्ट ने जन मन पर मरहम लगाने का काम किया है. स्वागत है.
Kumar Sauvir : अब गुण्डे वकीलों की कारगुजारी भी तो निहार लीजिए दोस्तों। आज दोपहर बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर में देश के सबसे बड़े आर्थिक अपराधी पर मनोज शर्मा नामक के वकील ने स्याही फेंक कर सुब्रत राय के चेहरे को काला कर दिया। इस पर सुब्रत राय समर्थक झुण्ड के झुण्ड वकीलों ने इस मनोज शर्मा को सुप्रीम कोर्ट परिसर में ही लतियाया और जमकर धुन दिया। कहने की जरूरत नहीं कि यह दोनों ही खेमे के वकील ऐसे हैं जिन्हें वकालत का ककहरा तक नहीं पता होता है। वजह यह कि ऐसे लोगों की रोटी अदालत के नाम पर गुण्डई करने तक ही सीमित होती है। समझ में नहीं आता है कि न्याय-क्षेत्रों में ऐसी आपराधिक हरकतों को अब क्या नाम दिया जाए। अब देखना यह है कि बार कौंसिल और बार एसोसियेशनों का इस पर क्या रवैया होता है। माना कि सुब्रत राय दुनिया का सबसे बड़ा दुर्दान्त और जघन्य अपराधी है, लेकिन उसके साथ भी ऐसा सुलूक शर्मनाक है। मैं ऐसी करतूत की निन्दा करता हूं। अपराधी को सजा दिलाना अदालत का काम है, किसी सिरफिरे का नहीं। सुब्रत राय के चेहरे पर सुप्रीम कोर्ट परिसर में स्याही फेंकने जैसी करतूतें किसी को सजा दिलाने नहीं, बल्कि उसके प्रति सहानुभूति बढ़ायेंगी।
Kumar Sauvir : अदालती हुक्म के चलते आली-जनाब हजरत सुब्रत राय साहेब अब सात-सितारा होटल सुविधाओं वाले जेलनुमा गेस्ट-हाऊसी महल में चार मार्च तक आराम फरमाते रहेंगे। यह हालत शर्मनाक नमूना है हमारी न्यायपालिका की लेट-लतीफी का, जिसके चलते सुब्रत राय जैसा महान और अप्रतिम आर्थिक अपराधी पिछले दो बरसों के बीच कानूनी कश्म-कश में लगातार जेल के बजाय महलों में आराम-ऐश्वर्य भोगता रहा और जब जेल तक पहुंचने की नौबत आयी तो किसी शाहंशाह की तरह पूरे देश को ठेंगा दिखाते हुए अपने रूतबे का प्रदर्शन करता रहा है। वह पुलिस कस्टडी में भी इस तरह टीवी-कैमरों में खुद को दिखाता रहा कि मानो वह जेल नहीं, अमेरिकी ह्वाइट हाउस में राष्ट्रपति के शपथ समारोह में शिरकत करने जा रहा है। आमीन सुप्रीम कोर्ट, आमीन। तुम से ही तो आबाद है देश की न्यायपालिका। है कि नहीं, मी लॉर्ड !
Kumar Sauvir : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार किये गये सुब्रत राय को लखनऊ के कुकरैल वन्य जीव अभ्यारण्य में बने आरामदेह और सुजज्जित सरकारी गेस्ट हाउस में टिकाया गया है। कुकरैल में ही मगरमच्छ और घडि़यालों संरक्षण, प्रजनन और अभ्यारण्य के तौर पर विकसित किया जाता है। ठीक बात है भइया। इन मौसेरे भाइयों का अब एकसाथ संरक्षण, प्रजनन और अभ्यारण्य हो सकेगा। बदले दौर में आर्थिक अपराधियों का भी संरक्षण और उन्हें श्रेष्ठतम सुविधाएं मुहैया देनी ही चाहिये ना। है कि नहीं !
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