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सहारा के उर्दू अखबार में कार्यरत मुशीर अहमद का निधन

नोएडा। सहारा ग्रुप के उर्दू अखबार ‘रोजनामा राष्ट्रीय सहारा’ के कला विभाग में कार्यरत मुशीर अहमद कुरैशी का बुधवार रात अचानक निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। मुशीर सहारा इंडिया परिवार से 1 अक्टूबर 1992 से जुड़े थे और नोएडा में कार्यरत थे। वह अपने परिवार के साथ अहाता केदार चौक बाड़ा हिन्दू राव में रहते थे। बताया जा रहा है कि बीती रात वह रात्रि पाली का काम खतम करने के बाद घर गए और खाना खाकर सो गए।

नोएडा। सहारा ग्रुप के उर्दू अखबार ‘रोजनामा राष्ट्रीय सहारा’ के कला विभाग में कार्यरत मुशीर अहमद कुरैशी का बुधवार रात अचानक निधन हो गया। वह 49 वर्ष के थे। मुशीर सहारा इंडिया परिवार से 1 अक्टूबर 1992 से जुड़े थे और नोएडा में कार्यरत थे। वह अपने परिवार के साथ अहाता केदार चौक बाड़ा हिन्दू राव में रहते थे। बताया जा रहा है कि बीती रात वह रात्रि पाली का काम खतम करने के बाद घर गए और खाना खाकर सो गए।

सोने दौरान ही उनकी मौत हो गई। उनकी मौत का पता सुबह तब चला जब उनके बच्चों ने उन्हें स्कूल ले जाने के लिए उठाने की कोशिश की। काफी हिलाने पर भी जब वे नहीं उठे तो घर में कोहराम मच गया। आसपास के तमाम लोग उनके घर पर जुट गए। मुशीर के मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। बुधवार को दोपहर मुशीर को कब्रिस्तान चमेलियान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इस मौके पर सहारा इंडिया परिवार के उनके सहयोगी और परिजन मौजूद थे। मुशीर के परिवार में पत्नी रुकैया समेत उनके दो पुत्र अहमद बिलाल और अहमद जुहैब तथा पुत्री सेहर निदा हैं। नोएडा परिसर में मुशीर के निधन पर एक शोकसभा का आयोजन किया गया जिसमें मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की गयी।

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