सहारा से खबर है कि उमाकांत त्रिपाठी को ब्यूरो कोआर्डिनेटर बना दिया गया है. वे अब सहारा मीडिया के ब्यूरो का कोआर्डिनेशन देखेंगे. इसके पहले वे लंबे समय तक संसद बीट देखते रहे हैं. उमाकांत उस समय चर्चा में आए थे जब उन पर लोकसभा रिपोर्टिंग के लिए फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप लगे थे. जांच के बाद उनका पास निरस्त कर दिया गया था. एक दो साल बाहर रहने के बाद वे राज्यसभा बीट के लिए रिपोर्टर बनाए गए, परन्तु यहां भी पुरानी बात खुलने के बाद उनका पत्ता साफ कर दिया गया.
सहारा से ही दूसरी खबर है कि संजीव त्रिवेदी, जिनका तबादला कोलकाता के लिए किया गया था, अपना तबादला रुकवाने में सफल रहे हैं. खबर है कि कांग्रेस बीट देखने वाले संजीव ने किसी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता से एप्रोच लगाकर अपना तबादला रुकवाने में सफल रहे.






