सहारा समूह से खबर है कि यह ग्रुप भारी आर्थिक संकट में आने के कारण अब सहारा मीडिया को बेचने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक सहारा मीडिया से परमानेंट और भारी सेलरी वालों की छंटनी की जा रही है. खासकर चैनलों में अब ज्यादातर नए व लो सेलरी वालों को कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा. कवायद ये है कि चैनल लाभ में दिखें. चैनलों के नाम में से सहारा हटाकर सिर्फ समय कर दिया गया है ताकि ये दूसरी कंपनी दिखे और इसका सहारा से कोई नाता न लगे. इस कारण इन चैनलों का विक्रय मूल्य बढ़ जाएगा.
पच्चीस हजार करोड़ रुपये की देनदारी का जो मामला है, उसे निपटाने के लिए सहारा को काफी नगद पैसों की जरूरत है. एक जमाने में सहारा ने अपनी एयरलाइंस बेच दी थी क्योंकि उसे पैसों की जरूरत थी. उसी तरह कहा जा रहा है कि मीडिया को भी बेचा जाएगा या फिर इसमें किसी दूसरी कंपनी को शेयर देकर निवेश कराया जाएगा. सहारा मीडिया में रोजाना इस्तीफे लिए जा रहे हैं. पूरे ग्रुप में हाहाकार मचा हुआ है. सहारा का महाराष्ट्र मुंबई चैनल बंद होने की चर्चाएं हैं. अब जब यह तय हो गया है कि देर सबेर सहारा से ज्यादातर लोगों की छंटनी होनी है और घाटे के मीडिया माध्यमों पर गाज गिरनी है तो सहारा के कुछ निकाले गए कर्मचारी एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं. (कानाफूसी)
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