एक भरोसेमंद सूत्र से पता चला है कि पुणे बेस्ड चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद के खिलाफ कई राज्यों में निवेशकों ने मुकदमा किया है. इन निवेशकों को प्लाट देने का प्रलोभन देकर साईं प्रसाद कंपनी वालों ने पैसे जमा कराए लेकिन जब मेच्योरिटी का वक्त आया तो प्लाट देने से इनकार कर दिया. सूत्र ने उस पुलिस स्टेशन का नाम अभी बताने से इनकार कर दिया है जहां मुकदमा लिखा गया है. सूत्र का कहना है कि पुलिस थाने का नाम सामने आ जाने पर साईं प्रसाद वाले सेटिंग-गेटिंग का खेल शुरू कर देते हैं.
ताजा मामलों में पुलिस ने कोर्ट से नान बैलेबल वारंट ले लिया है. जल्द ही साईं प्रसाद के ठिकानों पर छापेमारी की जाएगी और नामजद लोगों की गिरफ्तारी होगी. सूत्रों ने दो मुकदमों के जो डिटेल बताए हैं, वो इस प्रकार हैं- आईपीसी की धारा 467 / 420 / 506 के तहत आरोपी हरीश कुमार जोशी, बाला साहेब भापकर, शशांक भापकर, वंदना भापकर, प्रदीप नांबियार बनाए गए हैं. एक अन्य मुकदमे में आईपीसी की धारा 420 / 406 / 504 / 506 के तहत आरोपी बाला साहेब भापकर, वंदना भापकर, शशांक भापकर, प्रसून शुक्ला और प्रदीप कौल बनाए गए हैं.
ज्ञात हो कि इसके पहले कानपुर में साईं प्रसाद ग्रुप के फ्रॉड के खिलाफ निवेशकों ने मुकदमा दर्ज कराया था जिसको ठंढे बस्ते में डलवाने के लिए साईं प्रसाद चिटफंड कंपनी ने अपने मीडिया वेंचर साईं प्रसाद मीडिया के जरिए चलाए जा रहे न्यूज चैनल 'न्यूज एक्सप्रेस' का इस्तेमाल किया. साईं प्रसाद ग्रुप के खिलाफ गोवा से लेकर उड़ीसा, बिहार, झारखंड समेत कई प्रदेशों में आम जनों के पैसे हड़पने के मुकदमे हैं. बाजार नियामक सेबी ने भी साईं प्रसाद की गतिविधियों को गैर-कानूनी घोषित करते हुए फंड उगाही पर रोक लगा रखी है.
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कई सरकारी एजेंसीज कर रही हैं Sai Prasad Group Fraud की जांच






