पैसा कमाने के लिए साधना न्यूज की आईडी बेचे जाने से लेकर रिपोर्टरों को टार्गेट दिए जाने की खबरें तो पहले भी आती रही हैं, लेकिन इस समूह से जुड़े लोगों पर जब ब्लैकमेलिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे तो समूह संपादक एसएन विनोद ने इसकी जांच शुरू करा दी. जांच शुरू होते ही प्रबंधन समेत इस से जुड़े वरिष्ठ लोगों में खलबली और बेचैनी मच गई. इसके बाद ये लोग एसएन विनोद के खिलाफ षणयंत्र और साजिश रचने लगे.
एसएन विनोद के कुछ शुभचिंतकों को जानकारी मिली कि एसएन विनोद के खिलाफ काफी निम्न स्तर का षणयंत्र तथा साजिश रचा जा रहा है. कुछ महिलाकर्मियों के माध्यम से उन पर आरोप लगाए जाने की तैयारी की जा रही है. इन लोगों ने एसएन विनोद को प्रबंधन समेत भ्रष्टाचार-ब्लैकमेलिंग शामिल लोगों की साजिश से अवगत कराने के साथ उन्हें आगाह भी कर दिया था. अब खबर आ रही है कि साधना में एसएन विनोद के खिलाफ साजिश को अंजाम दिए जाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं.
प्रबंधन से जुड़े लोग हाल ही में एक महिला कर्मचारी को प्रोड्यूसर के पद पर ज्वाइन कराया है. लेकिन इस महिलाकर्मी को पॉवर चैनल हेड वाला दे दिया गया है. खबर आ रही है कि इस महिलाकर्मी को चैनल में लेकर आए लोग इसका इस्तेमाल एसएन विनोद के खिलाफ करने की तैयारी कर रहे हैं. इसमें उच्च प्रबंधन से जुड़े लोगों की मौन सहमति बताई जा रही है. सूत्रों का कहना है कि कई दशकों से अपनी जनसरोकारी पत्रकारिता और छवि के लिए पहचाने जाने वाले एसएन विनोद का भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान प्रबंधन के लोगों को भी रास नहीं आ रहा है.
इसके पहले इस समूह के संपादक रहे एनके सिंह भी ऐसी परिस्थितियों से आजिज आकर इस्तीफा दे दिया था. एनके सिंह भी अपने तरीके से काम करने वाले संपादक माने जाते हैं. स्पष्टवादी एनके सिंह को जब समूह में चलने वाली गतिविधियां रास नहीं आईं तो उन्होंने समूह को लात मारने में एक मिनट की भी देरी नहीं लगाई. नए दौर के पत्रकार जहां सरोकारी पत्रकारिता की बजाय जल्द से जल्द अमीर बनने तथा मालिकों को भी ज्यादा पैसा कमवाने का सपना दिखाते हैं तो पुराने पत्रकार जनसरोकारी पत्रकारिता को इसके ऊपर मानते हैं. और यहीं से शुरू होती है साधना न्यूज में विचारों की टकराहट.
साधना समूह में जल्द से जल्द पैसा कमाने के चक्कर में कई राज्यों में चैनल को ठेके पर दे दिया गया है. उत्तराखंड में इस चैनल के नहीं दिखने के बावजूद सेटिंग गेटिंग से जमकर विज्ञापनों की वसूली की जा रही है. पत्रकारिता को ठेकेदारी बनाने वाले साधना समूह में एसएन विनोद के खिलाफ रची जा रही सजिशें कितनी सफल होती हैं यह देखने वाली बात होगी. हालांकि इन खबरों के बाहर आने के बाद से साधना न्यूज में तनाव की स्थिति बनी हुई है.






