जिया न्यूज में एक दो नहीं बल्कि दर्जनों झोल है, होल हैं. ये न्यूज चैनल अभी खुद के लाइसेंस पर नहीं बल्कि साधना वालों से किराए पर लिए गए लाइसेंस पर संचालित हो रहा है. जिस बिल्डिंग से यह न्यूज चैनल चलाया जा रहा है, उस बिल्डिंग से चैनल चलाए जाने की अनुमति नहीं है. चैनल का सेटअप ऐसा बनाया गया है कि कोई ढंग का नेशनल न्यूज चैनल इस सेटअप से सही से संचालित नहीं हो सकता. ओवी वैन से लेकर हर कुछ इस चैनल का किराए पर है.
यह सारी महिमा ज्वाय सेबस्टियन की है. चैनल के मालिक बुरी तरह फंसे हुए हैं. अब उनसे न निगलते बन रहा है और न उगलते. आशीष मिश्रा को ज्वाय सेबस्टियन यह कहकर ले आए कि वे कंटेंट का सारा काम देखेंगे लेकिन ज्वाय ने कभी आशीष मिश्रा को फ्री हैंड नहीं दिया. नियुक्ति से लेकर कंटेंट तक में ज्वाय सेबस्टियन ने अपनी चलाई. नतीजा यह रहा कि चैनल लांच होने के बावजूद किसी चर्चा तक में न आ सका. कहा जा रहा है कि जिया न्यूज के मालिक इस पूरे घटनाक्रम से सन्नाटे में हैं. उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि चैनल को किस तरह पटरी पर लाया जाए.
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