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साहित्यश्री सम्मान समारोह में मृदुला समेत कई लोग सम्मानित

‘दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ द्वारा हिन्दी भवन, नई दिल्ली (मंगलवार, 25 सितंबर, 2012) में आयोजित साहित्यश्री सम्मान समारोह में वर्ष 2011-12 का ‘साहित्य मनीषा सम्मान’ सुपसिद्ध लेखिका और हिन्दी मासिक पत्रिका ‘पाँचवाँ स्तंभ’ की संपादक श्रीमती मृदुला सिन्हा को पूर्व न्यायधीश सर्वोच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री विकास श्रीधर सिरपुरकर जी के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया।

‘दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन’ द्वारा हिन्दी भवन, नई दिल्ली (मंगलवार, 25 सितंबर, 2012) में आयोजित साहित्यश्री सम्मान समारोह में वर्ष 2011-12 का ‘साहित्य मनीषा सम्मान’ सुपसिद्ध लेखिका और हिन्दी मासिक पत्रिका ‘पाँचवाँ स्तंभ’ की संपादक श्रीमती मृदुला सिन्हा को पूर्व न्यायधीश सर्वोच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति श्री विकास श्रीधर सिरपुरकर जी के करकमलों द्वारा प्रदान किया गया।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री विकास श्रीधर सिरपुरकर ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह चिंता की बात है कि देश की आजादी के छह दशक बाद हम अभी भी हिन्दी को न्यायिक प्रक्रिया में उपयोग नहीं कर रहे हैं। अगर किसी ने न्यायपालिका में हिन्दी का उपयोग करने का प्रयास किया तो दूसरों द्वारा उन्हें रोक दिया जाता है। देश के हर कोने में हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए उन्होंने सुझाव दिया। हिन्दी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी पदोन्नत किये जाने पर उन्होंने बल दिया। न्यायिक प्रक्रिया और मध्यम एवं प्राथमिक स्कूल में अध्ययन के लिए हिन्दी को एक माध्यम के रूप प्रयोग करने की जरूरत पर बल दिया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता, प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा ​​ने कहा कि अन्य देशों की तरह सरकारी स्कूलों में विशेष रूप से देश में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा (हिन्दी) में प्रदान की जानी चाहिए। राजधानी में नगर निगम के फैसले के लिए अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने के बजाय, निगम को शुरूआत में बच्चों को हिंदी में शिक्षा प्रदान करना चाहिए और कुछ वर्षों बाद अंग्रेजी माध्यम में भी बच्चों को शिक्षित करना चाहिए।

श्रीमती मृदुला सिन्हा के अतिरिक्त समारोह में श्री रघुनंदन शर्मा को ‘साहित्यकार सम्मान’, डा. हरगुलाल गुप्ता को ‘आंचलिक उपन्यास साहित्य सम्मान’, डा. मधु भारतीय को ‘गीतकार सम्मान’, श्री राधेश्याम बंधु को ‘गीतकार सम्मान’, डा. सविता चड्ढा को ‘कथाकार सम्मान’, श्री दीनानाथ बत्रा को ‘विशिष्ट हिन्दी सेवी सम्मान’, डा. जे लक्ष्मी रेड्डी को ‘हिन्दीतर भाषी सम्मान’, डा. अमर नाथ ‘अमर’ को ‘पत्रकारिता सम्मान’ और डा. रमाशंकर श्रीवास्तव को ‘व्यंगकार सम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह का कुशल संचालन श्री महेशचन्द्र शर्मा, अध्यक्ष (दिल्ली हिन्दी साहित्य सम्मेलन) ने किया। समारोह में डा. रामकृपाल सिन्हा (पूर्व मंत्री, भारत सरकार), हिन्दी भवन के मंत्री एवं कवि डा. गोविन्द व्यास, डा. रवि शर्मा, गजेन्द्र सोलंकी, इन्दिरा मोहन सहित देश के विविध क्षेत्रों के गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

इस प्रेस विज्ञप्ति की प्रस्तुति गौरबेश सिंह की है.

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