इंदौर। सिटी केबल लिमिटेड के आला अफसरों ने सीनियर स्टाफ की सैलरी रोक दी है। कई लोगों को अगले महीने अपना इंतजाम करने का संकेत भी दे दिया है। पिछले तीन-चार दिनों में सिटी केबल के भोपाल यूनिट हेड राजेश सोनी और इंदौर टेक्निकल हेड धनसिंह ने इस्तीफा देकर हेथवे केबल एंड डाटा से नाता जोड़ लिया है। सूत्रों के मुताबिक सिटी केबल लिमिटेड के कर्ताधर्ताओं को सब्जबाग दिखाना सेंटर इंडिया हेड महिपालसिंह रावत को भारी पड़ रहा है। डीजी केबलनेट से हटाने एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बाद महिपालसिंह रावत ने खुन्नस में इंदौर से सिटी केबल लिमिटेड की शुरुआत कराई।
जी समूह के सुभाष चंद्रा एवं उनके अनुज जवाहर गोयल के जरिए सितंबर २०११ में सिटी केबल नेटवर्क की शुरुआत करवाई। स्थापना के वक्त से ही रावत ने सीओओ के रूप में सेंट्रल इंडिया की कमान संभाली थी। रावत ने प्रबंधन को बरगलाकर सेंट्रल झोन में सिटी न्यूज के नाम से लोकल न्यूज भी चालू करवा दी। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और जयपुर में सिटी न्यूज चल रही है, जबकि जी समूह की जी न्यूज और रीजनल न्यूज पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर चल रही है। बताया जाता है कि रावत ने सेंट्रल इंडिया में कंपनी के विस्तार के लिए करीब ८० करोड़ रुपए खर्च करवाए। हर माह सैलरी, ऑफिसों का किराया और ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस के नाम पर एक करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है। सालभर से कंपनी को कोई आय नहीं हुई है, जिसमें कैरेज फीस, केबल ऑपरेटर्स से रेंट और एडवरटाइजमेंट की मद प्रमुख है।
उच्चस्तरीय सूत्रों ने बताया कि रावत के मनमाने खर्चें और अन्य मुद्दों पर जवाहर गोयल खासे नाराज है। उन्होंने सिटी केबल लिमिटेड के एचआर हेड कर्नल पंकज ढींगरा को बुधवार को इंदौर भेजा और विस्तृत जांच शुरुआत करवाई। बताते हैं कि कर्नल ढींगरा ने इशारों-इशारों में स्टाफ के एक बड़े वर्ग को कहीं और व्यवस्था करने के संकेत दे दिए हैं। महिपालसिंह रावत सिटी केबल से पहले डीजी केबलनेट, बी टीवी और सी टीवी में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





