सिटी भास्कर, इंदौर से एक और विकेट गिर गया है। करीब छह साल से वहां सीनियर रिपोर्टर के रूप में सेवाएं दे रही रचना सिंह ने सोमवार को सिटी भास्कर से इस्तीफा दे दिया। इसके पहले मंदीप कौर भाटिया, अनुराग शर्मा और दक्षा वेदकर सिटी भास्कर को अलविदा कह चुके है। इन सब लोगों ने सिटी भास्कर की प्रभारी सलोनी भोला के व्यवहार से खफा होकर सिटी भास्कर छोड़ा है। सलोनी को दो महीने पहले ही प्रभारी बना गया और तभी से सिटी भास्कर छोडऩे वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। अगले कुछ दिनों में दो और संपादकीय साथी सिटी भास्कर को अलविदा कहने वाले हैं।
भास्कर के नेशनल हेड कल्पेश याज्ञनिक की खासमखास मानी जाने वाली सोलनी ने सिटी भास्कर की कमान संभालने के बाद ही सिटी भास्कर से जाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। रिपोर्टरों ने उनके खिलाफ कई शिकायतें स्टेट हेड एन रघुरमन तथा स्थानीय संपादक आनंद पांडे से कीं, परन्तु कोई सुनवाई नहीं होने के बाद इन लोगों ने इस्तीफा दे दिया। सिटी भास्कर को अलविदा कहने वाली मंदीप हेल्थ व एजुकेशन, अनुराग आईआईएम और रचना सामाजिक सरोकार से जुड़ी खबरों की सिद्धहस्त मानी जाती थीं। मंदीप ने तो एक महीने पहले आनंद पांडे की मौजूदगी में हुई बैठक में सलोनी की करतूतों का सबके सामने खुलासा किया और यह बताया कि किस तरह वे संपादक के नाम का दुरुपयोग कर रिपोर्टर्स की खबरों से खिलवाड़ कर रही है। मंदीप ने सलोनी की धंधेबाजी के कई किस्से भी वहां उजागर किये और ये कहते हुए सिटी भास्कर छोडऩे की पेशकश कर दी की मैं यहां काम करके अपना करियर खत्म नहीं करना चाहती हूं। उन्होंने सिटी भास्कर से दूसरे किसी सेक्शन में ट्रांसफर लेने के संपादक के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया।
सोमवार को भास्कर को अलविदा कहने वाली रचना सिंह महीने भर पहले तक सलोनी की की खासमखास मानी जाती थी। पर अब महीने भर बाद ही ऐसी स्थिति बनी की रचना भी सलोनी का साथ छोड़ चली गई। सलोनी को लेकर कई गंभीर शिकायतें भास्कर प्रबंधन तक पहुंची हैं। सूत्रों का कहना है कि स्थानीय संपादक आनंद पांडे भी इन शिकायतों के आधार पर प्रबंधन तक एक रिपोर्ट पहुंचा चुके हैं। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले सलोनी को पूरी टीम ने मिलकर हटवा दिया था। पर दुबारा ताकत के साथ वापस आते ही सलोनी ने ऐसा माहौल बना दिया है कि सब लोग छोड़कर जा रहे हैं। अब सिटी भास्कर में तीन लोग पीयूष, गजेंद्र और अमरीन बचे रहे गए हैं, जिनमें संभावना जताई जा रही है कि पीयूष और गजेंद्र भी अलविदा कह देंगे। गजेंद्र के छुट्टी पर भी जाने की खबर आ रही है।
सिटी भास्कर में सलोनी के इस मनमाने व्यवहार के पीछे उसे नेशनल एडिटर का संरक्षण होने की बात सामने आ रही है। पिछले दिनों सिटी भास्कर टीम की बैठक में कल्पेश ने जिस तरह टीम के सदस्यों को फटकारा और संपादक आनंद पांडे की मौजूदगी में सलोनी की पैरवी की उसी से स्पष्ट हो गया था कि जब तक कल्पेश नेशनल हेड हैं सलोनी की मनमानी पर अंकुश लगाना संपादक के बुते की बात नहीं है। इस संदर्भ में सलोनी का पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किया गया परन्तु उन्होंने फोन पिक नहीं किया, जिससे उनके पक्ष के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई।






