सिद्धार्थनगर में प्रेस क्लब के चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। नामांकन के बाद उम्मीदवार पत्रकार चुनाव जीतने के लिए हर हथकण्डे अपना रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवार तो वोट के बदले नोट भी बांट रहे हैं, इसके लिए बकायदा अधिकारियों और नेताओं से चंदा वसूली भी की जा रही है। बड़े बैनर से जुड़े अध्यक्ष पद के एक उम्मीदवार तो अधिकारियों के पैर छू कर उनसे चंदा वसूल रहे हैं। वहीं दूसरे अध्यक्ष प्रत्याशी अधिकारियों व नेताओं को हड़का कर पैसा वसूल रहे हैं।
इसके अलावा महामंत्री पद पर लड़ रहे प्रत्याशी भी कहां पीछे रहने वाले, वह भी चुनाव लड़ने के बाद खूब वसूली कर रहे हैं। अध्यक्ष पद के लिए लड़ रहे तीन प्रत्याशियों ने दावतों का दौर भी शुरू कर दिया है। जिसमें मनचाहे पकवानों के साथ ही जमकर दारू शराब गटकाये जा रहे हैं। गौर फरमाने वाली बात यह है कि सिद्धार्थनगर प्रेस क्लब को शासन ने जमीन मुहैया करा दी है। जिस पर भवन निर्माण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सहयोग करने का भरोसा दिलाया है।
अगर सब कुछ ठीक रहा तो भवन निर्माण के लिए तकरीबन 30 लाख से अधिक का बजट मिल जायेगा, जिसके बाद से पत्रकार इस गफलत का शिकार है कि जो भी इस बार अध्यक्ष या महामंत्री बनेगा उसे भवन बनवाने के नाम पर मिल रहे इस सहयोग का कम से कम 20 फीसदी कमीशन मिल जायेगा, जो कि लाखों में होगी। यही वजह है कि अध्यक्ष व महामंत्री के पद हथियाने के लिए प्रत्याशी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके अलावा चुनाव लड़ने के नाम पर प्रत्याशी, जो अधिकारियों और नेताओं से वसूली कर रहे हैं, उसमें से कई डमी प्रत्याशियों ने चुनाव इसी कारण ही लड़ा है।
सिद्धार्थनगर से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






