दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया पर किसी तरह की सेंसरशिप की योजना को खारिज करते हुए कहा कि कंपनियों को नियमों का पालन करने की जरूरत है। मालूम हो कि दिल्ली की एक अदालत फेसबुक, ट्विटर, गूगल जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का आदेश दे चुकी है। इससे पहले कपिल सिब्बल ने ही लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली ऑनलाइन सामग्री हटाने की दिशा में कदम उठाए थे।
नैसकॉम लीडरशिप समिट में सिब्बल ने कहा कि देश की किसी भी सरकार सोशल मीडिया को कभी भी सेंसर नहीं किया। लेकिन हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि देश के कानून का हर कोई पालन करे। अगर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कानून का पालन करते हैं तो सोशल मीडिया को भी उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं फिर से ये कहना चाहता हूं कि भारत में कोई भी सरकार कभी भी सोशल मीडिया को सेंसर नहीं करेगी। मालूम हो कि दिल्ली की एक अदालत के आदेश के बाद गूगल और फेसबुक ने वेबसाइट से आपत्तिजनक सामग्री हटाने के कदम उठाए थे।
सिब्बल ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण नीति के तहत एक हजार करोड़ रुपये का कोष बनाने पर विचार कर रही है जिसकी मदद से दो सौ इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर बनाए जाएंगे। इनमें 10 साल के लिए टैक्स छूट का भी प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर मैन्यूफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए कानून बनाएगी। (एजेंसी)






