अगले कैबिनेट के सामने पत्रकार हमला विरोधी कानून बिल रखने की घोषणा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कल की. महाराष्ट्र पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति की और से महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून लाने की मांग की जा रही है. इसी मांग को लेकर बृहस्पतिवार को समिति के नेतृत्व में पनवेल से वर्षा कार रैली का आयोजन समिति के अध्यक्ष एसएम देशमुख के नेतृत्व में किया गया था.
रैली में महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्से से आईं 90 कारें और 300 पत्रकारों ने हिस्सा लिया. रैली पनवेल से होते हुए कोंकण भूवन, वाशी, चेंबूर, दादर से सीएसटी गई, वहां पुलिस ने रैली को रोक दिया. राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने आझाज मैदान आकर रैली को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पत्रकार हमला विरोधी कानून और पेंशन की जो मांग कर रहे हैं वह उचित है, यह मांगें पूरी होनी चाहिए. अगर जनप्रतिनिधि, डॉक्टर और कई लोगों के यह सुविधा मिलती है तो लोकतंत्र का चौथा आधार स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकरों को भी इस कानून की सुविधा मिलनी चाहिए. आरआर पाटिल की इस भूमिका का पत्रकार हल्ला विरोधी कृती समिति ने खुले दिल से स्वागत किया है. उपस्थित 300 पत्रकारों ने तालियां बजाकर आनंद प्रकट करते हुए आरआर पाटिल को धन्यवाद दिया.
बाद में एसएम देशमुख के नेतृत्ववाले एक प्रतिनिधि मंडल ने सह्याद्री अतिति गृह में मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के दोनों मांगों को लेकर सकारात्मक द्ष्टिकोण अपनाते हुए आने वाले कैबिनेट मीटिंग में कानून का प्रस्ताव रखने का आश्वासन दिया. पेंशन के विषय में उन्होंने कहा कि जिन अन्य राज्यों में पेंशन योजना की शुरुआत हुई है, वहां के स्कीम की जानकारी लेकर महाराष्ट्र में पेंशन योजना शुरू करने के बारे में सोचा जाएगा.
मुख्यमंत्री ने खुद कहा कि मेरा मानना है कि महाराष्ट्र में पत्रकार के लिए रक्षा कानून होना चाहिए, लकिन इस विषय में कुछ लोगों की अलग राय होने से इस कानून को लाने में देरी हो रही है. सर्वसम्मति से यह कानून बनाने की कोशिश मैं कर रहा हूं. इस पर समिति ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया. उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में आए दिन पत्रकारों पर हमले होते रहते हैं.






