बरेली। पिछले डेढ दशक तक एकछत्र राज करने वाले मुख्य महाप्रबंधक चन्द्रकांत त्रिपाठी उर्फ भइया उर्फ पंडित जी उर्फ सीकेटी की मंगलवार को दैनिक जागरण बरेली से पूरी तरह विदाई हो गयी। वैसे तो सीकेटी का बरेली से साम्राज्य सितम्बर में ही खत्म हो गया था, लेकिन जागरण में प्रिंट लाइन सीकेटी की ही जा रही थी। सीकेटी के लोगों का बरेली शहर में प्रचार था कि भइया गोरखपुर जरूर चले गए हैं लेकिन बरेली जागरण में उनका ही दखल रहेगा।
उनके लोग प्रमाण देते थे कि जागरण के कार्यक्रम बिना भइया के सम्पन्न नहीं हो रहे हैं, भइया के लोग अपने अपने पद स्थान पर यथावत स्थापित हैं। सीकेटी की प्रिंट लाइन का कल 21 नवम्बर 2011 अंतिम दिन रहा। 22 नवम्बर को सुबह सीकेटी के लोगों के हाथ जब जागरण आया तो हतप्रभ रह गए क्यों कि प्रिंट लाइन में सीकेटी जगह अनुग्रह नारायण सिंह का नाम प्रिंट था। अनुग्रह नारायण सिंह को बरेली के लोग एएन सिंह के नाम से जानते हैं। उन्होंने बरेली आते ही सीकेटी के रिवाजों को समाप्त कर दिया जिसमें पेड न्यूज, शहर के बड़े लोगों के बड़ों कामों को कराने के लिए रिपोर्टरों को यूज करने का काम प्रमुख था। मीडिया से जुडे लोगों ने जागरण ग्रुप के निदेशकों और अध्यक्ष को इस पहल के लिए बधाई दी है।
बरेली से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित





