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सीबीआई पिंजरे में बंद तोता, जिसके कई मालिक : सुप्रीम कोर्ट

कोलगेट मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल को फटकार लगाते हुए कहा कि सीबीआई सरकार के तोते की तरह काम कर रही है. स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सीबीआई स्वतंत्र नहीं है. सीबीआई को स्वतंत्र करना जरूरी है.  अदालत ने कहा कि सीबीआई वही दोहराती है जो सरकार कहती है. सीबीआई पिंजरे में बंद ऐसा तोता है जिसके कई मालिक हैं.

कोलगेट मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल को फटकार लगाते हुए कहा कि सीबीआई सरकार के तोते की तरह काम कर रही है. स्टेटस रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सीबीआई स्वतंत्र नहीं है. सीबीआई को स्वतंत्र करना जरूरी है.  अदालत ने कहा कि सीबीआई वही दोहराती है जो सरकार कहती है. सीबीआई पिंजरे में बंद ऐसा तोता है जिसके कई मालिक हैं.

कोर्ट ने कहा कि सीबीआई की जांच में किसी प्रकार का दखल नहीं होना चाहिए. किसी को भी सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट देखने का अधिकार नहीं है. कोर्ट ने अश्वनी कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कानून मंत्री को जांच में दखल देने का कोई हक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि रिपोर्ट का भाव बदला गया. अदालत ने कहा कि ‌कोई मंत्री सीबीआई की जांच से संबंधित रिपोर्ट के लिए पूछ सकता है लेकिन वह इसमें छेड़छाड़ नहीं कर सकता. अदालत ने पूछा कि कैसे सीबीआई, मंत्रालय के अधिकारियों से नियमित रूप से संपर्क में रहा.

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई पर तल्‍ख टिप्पणी करते हुए कहा, ''स्टेटस रिपोर्ट की आत्मा सरकारी अधिकारियों की सलाह पर बदली गई.'' अदालत ने कहा कि अब यह जरूरी हो गया है कि सीबीआई बिना किसी बाहर दबाव के पूरी तरह काम करे. यदि सीबीआई को पूरी तरह स्वतंत्र नहीं किया गया तो अदालत अगला कदम उठाएगी. कोर्ट ने साफ किया कि सीबीआई का काम सरकारी अधिकारियों से प्रभावित होना नहीं, बल्कि असली सच्चाई को सामने लाना है. सीबीआई को यह भलीभांति जानना चाहिए कि वह सरकार और इसके अधिकारियों के दबाव को किस तरह सामना करे.

वहीं एटॉर्नी जनरल ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए सारी जिम्मेदारी कानून मंत्री पर डाल दी है. उन्होंने कोर्ट में कहा कि ड्राफ्ट रिपोर्ट उन्होंने न सीबीआई से मांगी और न ही देखी. केवल कानून मंत्री के कहने पर उन्होंने सीबीआई अफसरों से मुलाकात की थी.  इस बीच विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद कानून मंत्री और एटॉर्नी जनरल के इस्तीफे की मांग की है. समाजवादी पार्टी ने भी कानून मंत्री का इस्तीफा मांगा है, वहीं किरण बेदी ने कहा कि सीबीआई अब आजाद उड़ना पूरी तरह भूल गई है.

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