पांच पद. दो सौ से ज्यादा उम्मीदवार. दर्जनों आईएएस-आईपीएस-ब्यूरोक्रेटस और वैज्ञानिकों के साथ चार पत्रकार भी लाइन में शामिल. सबकी चाहत बस मिल जाए एक कुर्सी और फिर पांच साल की छुट्टी. जी हां, कुछ ऐसा ही हाल है केंद्रीय सूचना आयुक्त विभाग का. यहां पर सूचना आयुक्त के पांच पद खाली हैं, जिनको जल्द ही भरा जाना है. इसके लिए अब तक 214 लोगों ने आवेदन देकर अपनी उम्मीदवारी जताई है. आईएएस-आईपीएस के साथ चार पत्रकारों ने भी सूचना आयुक्त बनने की लिए दांव ठोंका है.
रिटायर हो चुके या रिटायर होने के कगार पर खड़े कई आईपीएस अधिकारियों ने दावेदारी की है, जिसमें आईबी के पूर्व चीफ राजीव माथुर, बीएसफ के पूर्व डाइरेक्टर रमन श्रीवास्तव के साथ वर्तमान में कार्यरत ओपीएस मलिक एवं सुनील कृष्णा जैसे अधिकारी भी शामिल हैं. आईएएस अधिकारियों में बीसी गुप्ता, पीके बासु, डीआर मीना, राजीव शर्मा, अलका सिरोही ने भी दावेदारी ठोंकी हैं, जो वर्तमान में कार्यरत हैं. वहीं रिटायर हो चुके सुरेंद्र सिंह खन्ना, ब्रह्म दत्त, रघु मेनन जैसे अधिकारी शामिल हैं. आईआरएस अधिकारी भी पीछे नहीं हैं. मुकेश चंद्र जोशी, लक्ष्मण दास ने भी सूचना आयुक्त बनने की तैयारी कर रखी है.
इन लोगों के अलावा चार पत्रकारों ने भी इस पद के लिए अपना आवेदन दिया है. पत्रकार सत्य प्रकाश, लव कुमार मिश्रा, प्रकाश एन भार्गव तथा सुधांशु रंजन शामिल हैं. इनके अलावा बैंकर्स, वैज्ञानिक समेत कई अन्य विभागों से ब्यूराक्रेटस ने अपनी उम्मीदारी सूचना आयुक्त के पद के लिए जताई है. डिपार्टमेंट आफ पर्सनल एवं ट्रेनिंग के लोगों के सामने बहुत मुश्किल है. उन्हें केवल नौ नामों का चयन करके प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति के सामने भेजना है, जिसमें पीएम के साथ विपक्ष की नेता और कानून मंत्री शामिल रहेंगे.






