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सुप्रीमकोर्ट के दिशा निर्देश प्रेस परिषद के दायरे में हों : काटजू

नई दिल्ली : भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू का कहना है कि गठबंधन सरकारें कमजोर रही हैं और वे मीडिया पर निगरानी रखने वाली संस्थाओं को अधिकार संपन्न बनाने और शक्तिशाली इलेक्ट्रानिक मीडिया को इसके दायरे में लाने से संबंधित फैसले नहीं कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा, हम चाहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय मीडिया कवरेज के बारे जो भी दिशा निर्देश तय करे वह परिषद के नियमों के दायरे में हो।

नई दिल्ली : भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू का कहना है कि गठबंधन सरकारें कमजोर रही हैं और वे मीडिया पर निगरानी रखने वाली संस्थाओं को अधिकार संपन्न बनाने और शक्तिशाली इलेक्ट्रानिक मीडिया को इसके दायरे में लाने से संबंधित फैसले नहीं कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा, हम चाहते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय मीडिया कवरेज के बारे जो भी दिशा निर्देश तय करे वह परिषद के नियमों के दायरे में हो।

काटजू ने कहा, परिषद को शक्तिशाली बनाने और इलेक्ट्रानिक मीडिया को इसके दायरे में लाने के संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है, जिसमें प्रेस परिषद अधिनियम-1968 में संशोधन की मांग की है। हालांकि काटजू ने कहा, पहले भी परिषद के पूर्व अध्यक्षों ने इसी प्रकार की सिफारिश की थी लेकिन कुछ भी ठोस सामने नहीं आया। इलेक्ट्रानिक मीडिया काफी प्रभावशाली है जबकि गठबंधन सरकारें कमजोर हैं। अगर मजबूत सरकार होती तब ऐसा हो सकता था। अब गेंद सरकार के पाले में हैं। काटजू ने कहा, उसके द्वारा प्रस्तावित दो संशोधनों में प्रेस परिषद को ज्यादा अधिकार दिए जाने की बात शामिल है, जिसके पास वर्तमान समय में निंदा करने और चेतावनी जारी करने भर की ताकत है। दूसरा संशोधन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को परिषद के दायरे में लाने को लेकर है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के आत्म-नियमन के बारे में उन्होंने कहा, यह हमेशा पर्याप्त नहीं था। काटजू ने यह भी कहा कि वह सरकार की आत्म-नियमन का एक मौका दिए जाने की बात से भी सहमत नहीं हैं। समाज के आत्म-नियमन में विफल रहने के बाद कानून सामने आता है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अदालती कार्यवाही की मीडिया कवरेज के दिशा निर्देश तय करने से संबंधित प्रश्न पर काटजू ने कहा, हम चाहते हैं कि यह परिषद के दिशा-निर्देशों के दायरे में होना चाहिए। (एजेंसी)

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