सुलतानपुर : उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार रामकृष्ण जायसवाल का मंगलवार को निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। जायसवाल मूलत शिक्षक थे। उन्होंने 1970 में पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और लगभग चार दशक तक विभिन्न समाचार पत्रों की सेवा की। वह कई पत्रकार संगठनों के सदस्य रहे तथा आपातकाल के दौरान जेल गये। आर्यसमाजी जीवन जीते हुए वह विभिन्न विद्यालयों की प्रबंध समिति के सदस्य रहे।
महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के शिक्षक रहे रामकृष्ण जायसवाल लखनऊ व कानपुर से प्रकाशित कई पत्र-पत्रिकाओं व समाचार एजेंसियों के जिला प्रतिनिधि रहे। इमरजेंसी के दौरान डेढ़ साल तक जेल में रहे, उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी का दर्जा मिला। आरएसएस के वाराणसी स्थित विश्व संवाद केंद्र के प्रभारी रहे। आर्यसमाज के संस्थापक के रूप में पांच दशक तक वैदिक विचारधाराओं का प्रचार किया। उन्होंने मंगलवार सुबह दस बजे शहर के बाटा गली स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। करीब आधा दर्जन शैक्षिक संस्थाओं में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। रुद्रनगर मुहल्ले में बुजुर्ग शायर आनंद कुंवर की अध्यक्षता में शोकसभा हुई। इसमें रविशंकर, ऊषा श्रीवास्तव, जयंत त्रिपाठी, डॉ.ओंकारनाथ द्विवेदी, कमल श्रीवास्तव एडवोकेट, डॉ.मन्नान सुल्तानपुरी, डॉ.विशुन नारायण, शत्रुनय मिश्रा, विनोद अग्रहरि आदि मौजूद रहे। वहीं मानव कल्याण जीवन संस्थान के संस्थापक जगदीश अग्रहरि, कमल श्रीवास्तव ने भी शोक व्यक्त किया। कहाकि ऐसे बिरले पुरुष कम मिलते हैं। इनके आदर्शो से हमे प्रेरणा लेनी चाहिए।






