शाहजहांपुर निवासी सुशील शुक्ला ने अमर उजाला के पुवायां तहसील के संवाददाता (तहसील प्रभारी) हरिओम त्रिवेदी की शिकायत पिछले दिनों बरेली के संपादक दिनेश जुयाल से की थी. सुशील ने आरोप लगाया था कि वाहन दुर्घटना के एक मामले में आरोपी हरिओम संस्थान को अंधेरे में रखकर पत्रकारिता कर रहे हैं. उन्होंने इसकी पूरी जानकारी भी संपादक को दी थी, परन्तु संपादक स्तर से कोई कार्रवाई न होने के बाद सुशील ने अब इसकी शिकायत अमर उजाला समूह के एमडी राजुल माहेश्वरी से की है.
सुशील ने राजुल माहेश्वरी को जानकारी दी है कि अमर उजाला शाहजहांपुर की पुवायां तहसील में काम करने वाले हरीओम त्रिवेदी पर आरोप है कि 20 नबम्बर 1999 को उनके टैम्पू (यूपी 27 सी 5016) से खुटार के मोहल्ला इंदरानगर निवासी नलकूप विभाग के लिपिक अखिलेश शुक्ला की मौत हो गई थी. मृतक की पत्नी रामरमा ने टैम्पू मालिक और ड्राइवर के खिलाफ खुटार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. मृतक की पत्नी रामरमा ने अपर जिला जज कोर्ट संख्या 6 में दुर्घटना में हरीओम के टैम्पू से पति की मौत के बाद क्लेम के लिए वाद दायर किया.
केस की सुनवाई करते हुए अपर जिला जज आलोक कुमार बोस ने दोनों पक्षों के वकीलों की दलील सुनने के बाद दिनांक 10 अप्रैल 2003 को टैम्पो मालिक हरीओम त्रिवेदी पर 6,45,500 (छह लाख पैंतालिस हजार पांच सौ) रुपये का जुमाना 6.5 प्रतिशत ब्याज के साथ पीडित को अदा करने का आदेश दिया था. हरीओम त्रिवोदी के खिलाफ थाने में दर्ज कराय गया मुकदमा आज भी कोर्ट में विचाराधीन है. शिकायतकर्ता का कहना है कि अखबार की आड़ में हरीओम डग्गामार वाहनों से अवैध वसूली भी करता है. नीचे राजुल माहेश्वरी को लिखा गया पत्र..
सेवा में
श्रीमान राजुल महेश्वरी जी
अमर उजाला, नोएडा
विषय- कोर्ट से जुर्माने की सजा पाने वाले अमर उजाला के पुवायां (शाहजहांपुर) तहसील प्रभारी हरीओम त्रिवेदी के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने के सम्बंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि एक माह पूर्व मेरे द्वारा शाहजहांपुर की पुवायां तहसील प्रभारी हरीओम त्रिवेदी की शिकायत साक्ष्यों के साथ अमर उजाला, बरेली के स्थानीय संपादक, जिला प्रभारी व अमर उजाला शिकायत प्रकोष्ठ से की गई थी। शिकायत में माननीय न्यायलय द्वारा त्रिवेदी पर एक मामले में 10 अप्रैल 2003 को 645500 रुपयें का जुर्माने की सजा हुई थी। हरीओम ने आज तक पीडित को जुर्माने की रकम नहीं दी और अमर उजाला को धोखा देकर नौकरी पा ली। उक्त शिकायत के अलावा भी डग्गामार वाहनों से अवैध वसूली, भ्रमक खबरें लिखने व न्यूज चैनल में भी काम करने की शिकायत की थी। लेकिन अभी तक महोदय द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नही की गई। जबकि भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष श्री काटजू जी के स्पष्ट आदेश है कि किसी भी अखबार में दागी छवि के लोगों को अखबार में न रखा जाए।
अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि मामले की गोपनीय जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की कृपा करें।
भवदीय
सुशील शुक्ला
पु़त्र श्री रामजपे शुक्ला
मोहल्ला सुभाष नगर
शाहजहांपुर
सलंग्नक-
माननीय अपर जिला जज के आदेश की छया प्रति

इसके पूर्व की खबर को पढ़ने लिए क्लिक करें – कोर्ट से जुर्माने की सजा पाए अमर उजाला के पत्रकार की संपादक से शिकायत






