हिंदुस्तान अखबार मेरठ के संपादक सूर्यकांत द्विवेदी एक के बाद एक ऐसे कुकर्म करते हैं कि चर्चा में छाए रहते हैं. ताजी सूचना ये है कि उन्होंने एक ऐसे बीमार फोटोग्राफर को अपने यहां से नौकरी से निकाल दिया जिसे पैसों की सख्त जरूरत थी. विजय स्वामी मेरठ में हिंदुस्तान अखबार में साढ़े तीन साल से बतौर फोटोग्राफर नौकरी कर रहे थे. उन्हें हार्ट की प्राब्लम हुई तो अस्पताल में भर्ती हुए जहां उनकी बाईपास सर्जरी की गई.
इस दौरान हिंदुस्तान अखबार ने न तो अपने फोटोग्राफर का हालचाल पूछा और न ही एक पैसे की मदद की. बाद में विजय स्वामी जब स्वस्थ होकर नौकरी करने गए तो उन्हें टका सा जवाब दे दिया गया कि आपकी नौकरी चली गई, आपकी जगह किसी दूसरे को रख लिया गया है. इस घटनाक्रम से विजय स्वामी बहुत हताश और निराश हुए.
विजय स्वामी मेरठ में अमर उजाला में भी साढ़े पांच साल तक फोटोग्राफर रह चुके हैं. सूर्यकांत द्विवेदी और हिंदुस्तान प्रबंधन की हरकत से मेरठ के फोटोग्राफरों में नाराजगी है. विजय स्वामी के मां-पिता नहीं हैं. घर में उनकी दो बेटियां और एक छोटा बेटा है. ये परिवार पैसे के लिए विजय स्वामी पर निर्भर है. लेकिन विजय स्वामी अब बेरोजागार हो चुके हैं. बताया जा रहा है कि विजय स्वामी अपने साथ हुई नाइंसाफी के खिलाफ हिंदुस्तान प्रबंधन से कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.






